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15 दिन में कार्रवाई कर जवाब दे बीएसए
Updated Sat, 24 Jun 2017 12:47 AM IST
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मिर्जापुर। परिषदीय स्कूलों में फर्जी कागजात से नियुक्ति पाने के मामले पर डायट प्राचार्य ने बीएसए द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर काफी असंतोष जारी किया है। बीएसए द्वारा यथेष्ठ कार्रवाई नहीं करने पर कड़ी नाराजगी जताया। उन्होंने बीएसए को न्यायालय द्वारा जारी आदेश का विश्लेषण करते हुए कार्रवाई करने और 15 दिन में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
फर्जी कागजात के आधार पर नियुक्ति मामले में डायट प्राचार्य वीके शर्मा ने बीएसए तथा संबंधित पटल सहायक को मूल पत्रावलियों संग तलब किया था। बीएसए ने शुक्रवार को डायट प्राचार्य को अपनी आख्या भेजा। बीएसए के जवाब पर डायट प्राचार्य ने असंतोष जताते हुए कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग आदि कार्रवाई करते हुए प्राधिकारी के स्तर से नियुक्ति पत्र जारी किया गया होगा तथा सत्यापन आदि की कार्रवाई बीएसए द्वारा ही की गई होगी अथवा शिक्षकों को वेतन भुगतान नही होता। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजी गई आख्या में जान बूझकर न्यायालय के रिपोर्ट को विश्लेषित नहीं करते हुए मनमाने तरीके से अधूरी जानकारी दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार स्पेशल अपील नहीं होकर एकल खंड का निर्णय है तथा तत्कालीन बीएसए द्वारा जान बूझकर उचित कार्रवाई नहीं की गई है। डायट प्राचार्य ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा कि न्यायालय के आदेश का संपूर्ण विश्लेषण करते हुए कार्रवाई करें और 15 दिन के अंदर तथ्यपरक जांच रिपोर्ट भेजे। बता दें कि सपा सरकार में बेसिक शिक्षा विभाग मिर्जापुर पदोन्नति, नियुक्ति और ट्रांसफर आदि को लेकर सदैव सुर्खियों में रहा। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हरिशंकर और जयशंकर की नियुक्ति को लेकर शुरु से ही उपापोह की स्थिति रही। शिकायतकर्ता राकेश कुमार का कहना था कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाया है। जिसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
फर्जी कागजात के आधार पर नियुक्ति मामले में डायट प्राचार्य वीके शर्मा ने बीएसए तथा संबंधित पटल सहायक को मूल पत्रावलियों संग तलब किया था। बीएसए ने शुक्रवार को डायट प्राचार्य को अपनी आख्या भेजा। बीएसए के जवाब पर डायट प्राचार्य ने असंतोष जताते हुए कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत काउंसलिंग आदि कार्रवाई करते हुए प्राधिकारी के स्तर से नियुक्ति पत्र जारी किया गया होगा तथा सत्यापन आदि की कार्रवाई बीएसए द्वारा ही की गई होगी अथवा शिक्षकों को वेतन भुगतान नही होता। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा भेजी गई आख्या में जान बूझकर न्यायालय के रिपोर्ट को विश्लेषित नहीं करते हुए मनमाने तरीके से अधूरी जानकारी दी गई है। खंड शिक्षा अधिकारी के अनुसार स्पेशल अपील नहीं होकर एकल खंड का निर्णय है तथा तत्कालीन बीएसए द्वारा जान बूझकर उचित कार्रवाई नहीं की गई है। डायट प्राचार्य ने बीएसए को भेजे पत्र में कहा कि न्यायालय के आदेश का संपूर्ण विश्लेषण करते हुए कार्रवाई करें और 15 दिन के अंदर तथ्यपरक जांच रिपोर्ट भेजे। बता दें कि सपा सरकार में बेसिक शिक्षा विभाग मिर्जापुर पदोन्नति, नियुक्ति और ट्रांसफर आदि को लेकर सदैव सुर्खियों में रहा। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक हरिशंकर और जयशंकर की नियुक्ति को लेकर शुरु से ही उपापोह की स्थिति रही। शिकायतकर्ता राकेश कुमार का कहना था कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाया है। जिसकी जांच कराकर कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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