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Mirzapur News: जिले के 305 शिक्षकाें का गैर जनपद तबादला, आए 218
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मिर्जापुर। परिषदीय विद्यालयों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण में शिक्षकों की जितनी संख्या जिले से बाहर जा रही है, उतने शिक्षकों को जिले में नहीं भेजा जा रहा है। इससे परिषदीय विद्यालयों में पठन-पाठन का काम प्रभावित हो सकता है।
इस बार अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए 630 शिक्षकों ने आवेदन किया था। उनमें से 305 शिक्षकों के आवेदन स्वीकृत हुए। अब उनको कार्यमुक्त होने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होना होगा। काउंसिलिंग के बाद ही वे कार्यमुक्त हो सकेंगे। संबंधित शिक्षकों से अभिलेखों के साथ कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा गया है। शिक्षकों से यह भी कहा गया है कि जिस वर्ग में उनको भारांक मिला है, उसका मूल प्रमाणपत्र भी अवश्य लेकर आएं। उधर, दूसरी जगह से स्थानांतिरत होकर जिले में आने वाले शिक्षकों की संख्या लगभग 218 है। अभी उनके आने की प्रतीक्षा की जा रही है। जब सभी शिक्षक जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में रिपोर्ट कर लेंगे तो उनकी भी काउंसिलिंग कराई जाएगी। उसके बाद उनको जिले मेंं विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा।
उधर, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें सीडीओ के अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी शामिल हैं। कमेटी अगर किसी ने दिव्यांगता को लेकर आवेदन किया है और वह स्वीकृत हो गया है तो उसकी दिव्यांगता का परीक्षण करेगी। यदि उसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। कुछ पुरुष शिक्षकों का अर्हता होने के बाद स्थानांतरण नहीं हो सका है।
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इस बार अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए 630 शिक्षकों ने आवेदन किया था। उनमें से 305 शिक्षकों के आवेदन स्वीकृत हुए। अब उनको कार्यमुक्त होने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होना होगा। काउंसिलिंग के बाद ही वे कार्यमुक्त हो सकेंगे। संबंधित शिक्षकों से अभिलेखों के साथ कमेटी के समक्ष प्रस्तुत होने को कहा गया है। शिक्षकों से यह भी कहा गया है कि जिस वर्ग में उनको भारांक मिला है, उसका मूल प्रमाणपत्र भी अवश्य लेकर आएं। उधर, दूसरी जगह से स्थानांतिरत होकर जिले में आने वाले शिक्षकों की संख्या लगभग 218 है। अभी उनके आने की प्रतीक्षा की जा रही है। जब सभी शिक्षक जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कार्यालय में रिपोर्ट कर लेंगे तो उनकी भी काउंसिलिंग कराई जाएगी। उसके बाद उनको जिले मेंं विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा।
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उधर, परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को कार्यमुक्त करने के लिए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें सीडीओ के अलावा मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व जिलाधिकारी की ओर से नामित अधिकारी शामिल हैं। कमेटी अगर किसी ने दिव्यांगता को लेकर आवेदन किया है और वह स्वीकृत हो गया है तो उसकी दिव्यांगता का परीक्षण करेगी। यदि उसमें कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है। कुछ पुरुष शिक्षकों का अर्हता होने के बाद स्थानांतरण नहीं हो सका है।
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