{"_id":"6abd70d79fb1261ef10d5254","slug":"28-drone-didis-trained-but-not-a-single-drone-received-mirzapur-news-c-192-1-svns1033-162245-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: प्रशिक्षित हुईं 28 ड्रोन दीदियां, नहीं मिला एक भी ड्रोन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: प्रशिक्षित हुईं 28 ड्रोन दीदियां, नहीं मिला एक भी ड्रोन
विज्ञापन
फसलों पर कीटनाशकों व खाद का करना था छिड़काव
मिर्जापुर। जिले में 28 ड्रोन दीदियों का चयन कर उन्हें ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन एक भी ड्रोन अभी तक विभाग को नहीं मिल सका है। इससे इन ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 28 समूह की महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। उद्देश्य था कि ये ड्रोन दीदियां संबंधित क्षेत्र में ड्रोन से खेतों में कीटनाशकों व खाद का छिड़काव करें, इससे उन्हें पारिश्रमिक मिले और वह उनकी आजीविका के काम आए। लेकिन अभी तक विभाग को एक भी ड्रोन नहीं मिल सका है। इससे यह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि शासन की ओर से हर ब्लॉक के लिए कम से कम एक ड्रोन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान तक एक भी ड्रोन समूह की महिलाओं को नहीं मिल सका। इस समय जिले में 15432 समूहों में लगभग 1.5 हजार महिलाएं जुड़कर विभिन्न व्यवसायों में लगकर आजीविका कमा रही हैं।
इफ्को के ड्रोन से हो रहा छिड़काव
जिले में कृषि विभाग की ओर से ड्रोन विधि से फसलों की सुरक्षा व संरक्षा सुनिश्चित की जानी थी, लेकिन विभाग को भी कोई ड्रोन नहीं मिल सका। वर्तमान में इफ्को के ड्रोन से संबंधित किसान अपने क्षेत्र में नैनो यूरिया तरल का छिड़काव कर रहे हैं। इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पास चार ड्रोन हैं, जिनमें से इस समय कार्य नहीं कर रहे हैं। दो अन्य से छिड़काव किया जा रहा है। प्रतिदिन कहीं न कहीं इसका प्रयोग किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
“ड्रोन दीदियों को प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन ड्रोन अभी नहीं मिला है। ड्रोन मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।”
रमाशंकर सिंह, डीसी एनआरएलएम
2. CHANGE
विज्ञापन
मिर्जापुर। जिले में 28 ड्रोन दीदियों का चयन कर उन्हें ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया, लेकिन एक भी ड्रोन अभी तक विभाग को नहीं मिल सका है। इससे इन ड्रोन दीदियों के प्रशिक्षण का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 28 समूह की महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। उद्देश्य था कि ये ड्रोन दीदियां संबंधित क्षेत्र में ड्रोन से खेतों में कीटनाशकों व खाद का छिड़काव करें, इससे उन्हें पारिश्रमिक मिले और वह उनकी आजीविका के काम आए। लेकिन अभी तक विभाग को एक भी ड्रोन नहीं मिल सका है। इससे यह उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। बताया जा रहा है कि शासन की ओर से हर ब्लॉक के लिए कम से कम एक ड्रोन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन वर्तमान तक एक भी ड्रोन समूह की महिलाओं को नहीं मिल सका। इस समय जिले में 15432 समूहों में लगभग 1.5 हजार महिलाएं जुड़कर विभिन्न व्यवसायों में लगकर आजीविका कमा रही हैं।
विज्ञापन
इफ्को के ड्रोन से हो रहा छिड़काव
जिले में कृषि विभाग की ओर से ड्रोन विधि से फसलों की सुरक्षा व संरक्षा सुनिश्चित की जानी थी, लेकिन विभाग को भी कोई ड्रोन नहीं मिल सका। वर्तमान में इफ्को के ड्रोन से संबंधित किसान अपने क्षेत्र में नैनो यूरिया तरल का छिड़काव कर रहे हैं। इफ्को के क्षेत्रीय प्रबंधक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि उनके पास चार ड्रोन हैं, जिनमें से इस समय कार्य नहीं कर रहे हैं। दो अन्य से छिड़काव किया जा रहा है। प्रतिदिन कहीं न कहीं इसका प्रयोग किया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
“ड्रोन दीदियों को प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन ड्रोन अभी नहीं मिला है। ड्रोन मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।”
रमाशंकर सिंह, डीसी एनआरएलएम
2. CHANGE