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Mirzapur News: 20 गांवों के 2000 लोगों को अधिग्रहित भूमि का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना मिलेगा
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जिलाधिकारी ने अधिग्रहित भूमि के मुआवजे के संबंध में किसानों के साथ की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
चुनार। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बुधवार को चुनार तहसील में प्रस्तावित विंध्य पूर्वांचल स्पर्श एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रभावित होने वाले तहसील क्षेत्र के 20 गांवों के किसानों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना मिलेगा। एक्सप्रेस वे में करीब 2000 किसानों की जमीनें जा रही हैं।
तहसील सभागार में आयोजित बैठक के दौरान विभिन्न किसान संगठनों और किसानों ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का उच्चतम दर सभी को एक समान रूप से दिए जाने की मांग की। किसानों ने जिलाधिकारी से कहा कि तहसील क्षेत्र से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे से पिडखिर, हमीदपुर, मदरा, लठिया, चंदौली, खिरौड़ी, लमवा, आशरफाबाद, शाहपुर, भलवा, बरूइया देवलासी, भुड़कुड़ा, रामपुर, ममोलापुर, फत्तेपुर, रूपौधा, राजुपर, सिरसी, रानीपुर और रेहिया आदि गांव प्रभावित हो रहे हैं।
किसानों ने बताया कि इनमें कुछ किसानों की लगभग पूरी भूमि, कुछ की आधी और कुछ किसानों की आंशिक भूमि अधिग्रहित की जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण पर आने वाली लागत पूरे क्षेत्र में बराबर है तो किसानों की भूमि का मुआवजा भी उसी दर से मिलना चाहिए, न कि अलग-अलग गांवों के अलग-अलग सर्किल रेट के अनुसार। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम अनेग सिंह, एसडीएम न्यायिक रविशंकर यादव, तहसीलदार इवेंद्र कुमार, उप निबंधक चुनार दीपक जायसवाल, किसान नेता रामराज सिंह, राज बहादुर सिंह, बजरंगी सिंह, धर्मदेव उपाध्याय, प्रहलाद सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रभावित क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चुनार। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बुधवार को चुनार तहसील में प्रस्तावित विंध्य पूर्वांचल स्पर्श एक्सप्रेसवे के निर्माण से प्रभावित होने वाले तहसील क्षेत्र के 20 गांवों के किसानों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि अधिग्रहित भूमि का मुआवजा सर्किल रेट से चार गुना मिलेगा। एक्सप्रेस वे में करीब 2000 किसानों की जमीनें जा रही हैं।
तहसील सभागार में आयोजित बैठक के दौरान विभिन्न किसान संगठनों और किसानों ने अधिग्रहित की जाने वाली भूमि का उच्चतम दर सभी को एक समान रूप से दिए जाने की मांग की। किसानों ने जिलाधिकारी से कहा कि तहसील क्षेत्र से गुजरने वाले एक्सप्रेसवे से पिडखिर, हमीदपुर, मदरा, लठिया, चंदौली, खिरौड़ी, लमवा, आशरफाबाद, शाहपुर, भलवा, बरूइया देवलासी, भुड़कुड़ा, रामपुर, ममोलापुर, फत्तेपुर, रूपौधा, राजुपर, सिरसी, रानीपुर और रेहिया आदि गांव प्रभावित हो रहे हैं।
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किसानों ने बताया कि इनमें कुछ किसानों की लगभग पूरी भूमि, कुछ की आधी और कुछ किसानों की आंशिक भूमि अधिग्रहित की जा रही है। किसानों का कहना है कि यदि सड़क निर्माण पर आने वाली लागत पूरे क्षेत्र में बराबर है तो किसानों की भूमि का मुआवजा भी उसी दर से मिलना चाहिए, न कि अलग-अलग गांवों के अलग-अलग सर्किल रेट के अनुसार। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम अनेग सिंह, एसडीएम न्यायिक रविशंकर यादव, तहसीलदार इवेंद्र कुमार, उप निबंधक चुनार दीपक जायसवाल, किसान नेता रामराज सिंह, राज बहादुर सिंह, बजरंगी सिंह, धर्मदेव उपाध्याय, प्रहलाद सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रभावित क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।
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