{"_id":"5ba686a3867a557ed1019408","slug":"21537640099-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक दिन में जिले के सरकारी चिकित्सालय में पहुंचे 10 हजार मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक दिन में जिले के सरकारी चिकित्सालय में पहुंचे 10 हजार मरीज
Updated Sat, 22 Sep 2018 11:48 PM IST
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मिर्जापुर। कभी बारिश तो कभी धूप के चलते तापमान में उतार चढ़ाव के चलते संक्रामक बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। जिले में प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग वायरल बुखार, डायरिया, सर्दी-जुकान, पेट दर्द, सिर दर्द और चर्म रोगों से पीड़ित होकर इलाज कराने के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। इन दिनों अस्पतालों में इन बीमारियोें से पीड़ित मरीजों की भीड़ लग रही है। इसके चलते सीएचसी, पीएचसी तथा मंडलीय चिकित्सालय के ओपीडी में खड़े होने की जगह नहीं बच रही है। शनिवार को जिले भर के चिकित्सालयों में लगभग 10 हजार मरीज इलाज कराने पहुंचे थे।
बारिश, तापमान में उतार चढ़ा और संक्रमित पानी पीने की वजह से लोग तमाम बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। तल्ख धूप में नंगे सिर निकलने पर लोग बुकार की चपेट में आ रहे हैं। मंडलीय अस्पताल से लेकर जिले के प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम, बदन, सिर दर्द, डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। शनिवार को मंडलीय अस्पताल में दो हजार मरीज पहुंचे थे। जिसमें 14 सौ पुरुष और छह सौ महिलाएं शामिल रहीं। एक हजार मरीज वायरल फीवर से पीड़ित थे। तीन सौ मरीज पेट दर्द और सर्दी जुकाम से पीड़ित थे। तीस मरीज डायरिया से पीड़ित थे जिसमें एक की हालत गंभीर थी जिसे भर्ती कर लिया गया। इसके अलावा दुर्घटना, हार्ट, शुगर, चर्म रोग समेत अन्य रोगों के मरीज पाए गए।
वायरल बुखार और उल्टी दस्त से पीड़ित रोगियों से मंडलीय अस्पताल पट गया है। 155 बेड वाले चिकित्सालय में अब मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है।
मंडलीय अस्पताल में दवाओं की कमी के चलते मरीजों को सभी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इन दिनों ब्लाडप्रेशर, शुगर, खुजली, खांसी, एलर्जी आदि की दवाएं नहीं है जिससे ये दवाएं मरीजों को नहीं मिल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि दवाएं नहीं आने कमी बनी हुई है। समाप्त हो चुकी दवाओें को भेजने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा रेडियोलाजिस्ट नहीं होने से मंडलीय चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। मरीजों को एक हजार रुपया खर्च कर बाहर से निजी पैथालाजी सेंटरों से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
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बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप होने से लोग बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल के फीजिशियन डा. प्रदीप कुमार ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचने के लिए ठंडा पानी नहीं पीए, मच्छरदारी का प्रयोग करें, ताजा खाना खाएं, अपने आसपास पानी जमा नहीं होने दें, स्वच्छ पेयजल पीएं, कूलर और एसी में नहीं सोएं। धूप में अधिक देर तक नहीं रहें। कहा कि एहतियात बरत कर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. विनय पांडेय ने कहा कि मौसम में बदलाव के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उनका पूरा इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां तक दवाएं नहीं मिलने की बात है तो उनको बाजार से खरीदकर दिया जा रहा है।
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बारिश, तापमान में उतार चढ़ा और संक्रमित पानी पीने की वजह से लोग तमाम बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। तल्ख धूप में नंगे सिर निकलने पर लोग बुकार की चपेट में आ रहे हैं। मंडलीय अस्पताल से लेकर जिले के प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम, बदन, सिर दर्द, डायरिया के मरीज पहुंच रहे हैं। शनिवार को मंडलीय अस्पताल में दो हजार मरीज पहुंचे थे। जिसमें 14 सौ पुरुष और छह सौ महिलाएं शामिल रहीं। एक हजार मरीज वायरल फीवर से पीड़ित थे। तीन सौ मरीज पेट दर्द और सर्दी जुकाम से पीड़ित थे। तीस मरीज डायरिया से पीड़ित थे जिसमें एक की हालत गंभीर थी जिसे भर्ती कर लिया गया। इसके अलावा दुर्घटना, हार्ट, शुगर, चर्म रोग समेत अन्य रोगों के मरीज पाए गए।
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वायरल बुखार और उल्टी दस्त से पीड़ित रोगियों से मंडलीय अस्पताल पट गया है। 155 बेड वाले चिकित्सालय में अब मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं बची है।
मंडलीय अस्पताल में दवाओं की कमी के चलते मरीजों को सभी दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। इन दिनों ब्लाडप्रेशर, शुगर, खुजली, खांसी, एलर्जी आदि की दवाएं नहीं है जिससे ये दवाएं मरीजों को नहीं मिल रही है। कर्मचारियों का कहना है कि दवाएं नहीं आने कमी बनी हुई है। समाप्त हो चुकी दवाओें को भेजने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा रेडियोलाजिस्ट नहीं होने से मंडलीय चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड नहीं हो पा रहा है। मरीजों को एक हजार रुपया खर्च कर बाहर से निजी पैथालाजी सेंटरों से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ रहा है।
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बरसात के मौसम में मच्छरों का प्रकोप होने से लोग बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। मंडलीय अस्पताल के फीजिशियन डा. प्रदीप कुमार ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचने के लिए ठंडा पानी नहीं पीए, मच्छरदारी का प्रयोग करें, ताजा खाना खाएं, अपने आसपास पानी जमा नहीं होने दें, स्वच्छ पेयजल पीएं, कूलर और एसी में नहीं सोएं। धूप में अधिक देर तक नहीं रहें। कहा कि एहतियात बरत कर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. विनय पांडेय ने कहा कि मौसम में बदलाव के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। उनका पूरा इलाज करने का प्रयास किया जा रहा है। जहां तक दवाएं नहीं मिलने की बात है तो उनको बाजार से खरीदकर दिया जा रहा है।