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करवा चौथ व्रत के लिए बाजार महिला खारीदारों से रहा गुलजार
Updated Sun, 08 Oct 2017 12:43 AM IST
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मिर्जापुर। करवा चौथ व्रत के लिए शनिवार को सुहागिन महिलाओं बाजार में भारी भीड़ उमड़ी। इससे नगर के सभी प्रमुख बाजार महिला खरीदारों से गुलजार रहा। जगह-जगह मेंहदी लगाने वालों के यहां महिलाएं अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं। नगर के त्रिमोहानी, पक्केघाट, घंटाघर, बसनई बाजार, धुधीकटरा, वासलीगंज आदि बाजारों में देर रात तक महिलाएं मनपसंद श्रृंगार सामग्री की खरीदारी करने में जुटी रहीं।
महिलाओं ने व्रत के लिए जरूरी सामानों करवा, सरई, करवा चौथ व्रत कथा की किताबें, करूआ, सुसज्ज्ति चलनी आदि की खरीदारी की। सजने सवरनें में कोई कमी न रह जाए उसके लिए आलता, बिंदी, बिछिया, मेंहदी आदि श्रृंगार के समानों की भी खरीदारी की। इस दौरान ब्यूटी पार्लर में महिलाओं की कतारें लगी रहीं। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर सुहाग की दीर्घायु के लिए करवा चौथ का व्रत महिलाएं करती हैं। सुहागिन स्त्रियों के लिए यह व्रत श्रेष्ठ माना गया है। इस दिन महिलाएं निर्जल व्रत रहकर पति के दीर्घायु की कामना करती हैं। आज के दिन महिलाएं चावल पीसकर दीवाल पर करवा करवा चौथ बनाती हैं। इसमें पति के अनेक रूप बनाए जाते हैं। इसके अलावा सुहाग की वस्तुएं चूड़ी, बिंदी, बिछुआ, मेंहदी, महावर आदि के साथ दूध देने वाली गाय, करुवा बेचने वाली कुम्हारिन, महावर लगाने वाली नाईन, चूड़ी बेचने वाली मनिहारिन, सात भाई व एक बहन एवं गौरा, पार्वती आदि देवी देवताओं के चित्र बनाए जाते हैं। महिलाएं पूरे दिन व्रत रहने के बाद रात्रि में चंद्रमा को अर्ध्य देकर चलनी से पति का दीदार कर पानी पीने के बाद आशीर्वाद लेकर भोजन कर व्रत तोड़ती हैं।
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इनसेट
पं. नितीन अवस्थी ने बताया कि प्राचीन काल में करवा नाम की एक पतिव्रता नदी किनारे एक गांव में रहती थी। कार्तिक मास के चतुर्थी के दिन नदी में स्नान के दौरान एक मगरमच्छ ने पैर पकड़ लिया। वह पत्नी का नाम लेकर करवा करवा पुकारने लगा। पति की पुकार पर पत्नी दौड़कर आई और मगरमच्छ को कच्चे धागे से बांधकर यमराज के पास जाकर मगरमच्छ द्वारा उसके पति के पैर पकड़ने के अपराध में उसे नरक में भेजने को कहा। यमराज ने मगरमच्छ की आयु शेष बताकर ऐसा करने पर असहमति जताई। इस पर करवा ने उन्हें श्राप देने को कहा जिससे डरकर यमराज ने मगरमच्छ को यमपुरी भेजकर करवा के पति को दीर्घायु का वरदान दिया। तभी से महिलाएं पति के दीर्घायु के लिए करवा चौथ व्रत रखने लगी।
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