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शरीर दान करने को प्रोत्साहित करेगा जिला प्रशासन
Updated Thu, 10 Aug 2017 12:36 AM IST
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मिर्जापुर। विश्व आर्गन डे पर आगामी 13 अगस्त को जिला प्रशासन लोगों से देह दान करने की अपील करेगा। जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे और उनकी पत्नी ने पहले ही मृत्युपरांत अपनी देह को दान कर दिया है। उन्होंने लोगों मानवता की सेवा के लिए आगे आने का आहवान किया है।जिले में पहली बार आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम से लोगों को जोड़ने की मुहिम डीएम ने शुरू कर दी है।
विश्व आर्गन डे के पूर्व जिला मुख्यालय पर जरूरतमंद रोगियों के लिए शरीर दान करने के प्रति जागरुकता के लिए जनजागरुकता रैली निकाले जाने की योजना है। स्कूली बच्चे और सरकारी विभागों के कर्मचारी अधिकारी मानवता के इस कार्य के संदेश को जनता तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने बताया कि विश्व आर्गन डे मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिला अस्पताल में इस संबंध में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सक इसके फायदे बताएंगे। उन्होंने बताया कि जो लोग भी मृत्य उपरांत अपना शरीर दान करने का संकल्प लेते हुए पंजीकरण करायेंगे उन्हें एक कार्ड दिया जाएगा जो उनकी मृत्यु के बाद बताएगा कि उनका शरीर मानवता के कल्याण के लिए काम आएगा। उन्होंने बताया कि वे खुद एवं उनकी पत्नी ने पहले ही म़ृत्यु उपरांत शरीर दान कर दिया। पंजीकृत कार्ड उनके साथ हमेशा पर्स में रहता है। उन्होंने बताया कि यह जागरुकता फैलाने की जरूरत है कि सभी एक न एक दिन यह संसार छोड़ कर जाना है। मरने के बाद शरीर को जलाने और दफनाने से उसके हर अंग बेकार हो जाएंगे। इससे अच्छा यह होगा कि हम अपने शरीर को मानवता के लिए दान करें। हमारे मरने के बाद हमारे जो अंग किसी के काम आ जाएं उन्हें हम जरूरतमंदों को दे दें ताकि वे अंगों की कमी के कारण असमय संसार को अलविदा नहीं कहें।
विश्व आर्गन डे के पूर्व जिला मुख्यालय पर जरूरतमंद रोगियों के लिए शरीर दान करने के प्रति जागरुकता के लिए जनजागरुकता रैली निकाले जाने की योजना है। स्कूली बच्चे और सरकारी विभागों के कर्मचारी अधिकारी मानवता के इस कार्य के संदेश को जनता तक पहुंचाने का कार्य करेंगे। जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे ने बताया कि विश्व आर्गन डे मनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। जिला अस्पताल में इस संबंध में गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चिकित्सक इसके फायदे बताएंगे। उन्होंने बताया कि जो लोग भी मृत्य उपरांत अपना शरीर दान करने का संकल्प लेते हुए पंजीकरण करायेंगे उन्हें एक कार्ड दिया जाएगा जो उनकी मृत्यु के बाद बताएगा कि उनका शरीर मानवता के कल्याण के लिए काम आएगा। उन्होंने बताया कि वे खुद एवं उनकी पत्नी ने पहले ही म़ृत्यु उपरांत शरीर दान कर दिया। पंजीकृत कार्ड उनके साथ हमेशा पर्स में रहता है। उन्होंने बताया कि यह जागरुकता फैलाने की जरूरत है कि सभी एक न एक दिन यह संसार छोड़ कर जाना है। मरने के बाद शरीर को जलाने और दफनाने से उसके हर अंग बेकार हो जाएंगे। इससे अच्छा यह होगा कि हम अपने शरीर को मानवता के लिए दान करें। हमारे मरने के बाद हमारे जो अंग किसी के काम आ जाएं उन्हें हम जरूरतमंदों को दे दें ताकि वे अंगों की कमी के कारण असमय संसार को अलविदा नहीं कहें।
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