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मड़िहान में अभी तक नही खुले धान क्रय केंद्र
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:10 AM IST
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राजगढ़ (मिर्जापुर)। प्रशासन ने किसानों का धान क्रय करने के लिए एक नवंबर का समय दिया था लेकिन दो नवंबर बीत जाने के बाद भी अभी तक मड़िहान तहसील में हॉट शाखा का एक केंद्र खुला है। लेकिन धान क्रय नहीं हो सका है। मिलरों द्वारा अपने मिलों का सरकार से संबंध न रखना भी किसानों के लिए समस्या बनी हुई है।
पिछले वर्ष मड़िहान तहसील में कुल 25 केंद्र खोले गए थे। जिनमें जिनमें तीन केंद्र पीसीएफ, हॉट शाखा केंद्र, साधन सहकारी के समिति, कर्मचारी कल्याण निगम एवं प्राइवेट संस्थाओं का क्रय केंद्र खुला था। लेकिन अभी तक केवल हाट शाखा के क्रय केंद्र खुला है। अन्य केंद्र का अभी तक कोई अता पता नहीं है। किसानों द्वारा खरीदा गया धान, जिन मिलरों के यहां जाता है वह सभी मिलर अभी तक हड़ताल पर है। राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि जब तक सरकार हम लोगों की मांग नहीं मान लेती तब तक राइस मिलर अपने मिलों का संबंध सरकार से नहीं रखेंगे। उनके मुताबिक जनपद में कुल 55 मिलें थीं। जिनमें से चार मिले डिफाल्टर घोषित हो गई हैं, अब कुल 53 मिले अवशेष बचे हुए हैं। जिसमें 40 मिले धन के अभाव में कर्ज से दबी हुई हैं, जो बंद होने के कगार पर हैं। सरकार 67 परसेंट रिकवरी मांगती है जो संभव नहीं है।
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पिछले वर्ष मड़िहान तहसील में कुल 25 केंद्र खोले गए थे। जिनमें जिनमें तीन केंद्र पीसीएफ, हॉट शाखा केंद्र, साधन सहकारी के समिति, कर्मचारी कल्याण निगम एवं प्राइवेट संस्थाओं का क्रय केंद्र खुला था। लेकिन अभी तक केवल हाट शाखा के क्रय केंद्र खुला है। अन्य केंद्र का अभी तक कोई अता पता नहीं है। किसानों द्वारा खरीदा गया धान, जिन मिलरों के यहां जाता है वह सभी मिलर अभी तक हड़ताल पर है। राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि जब तक सरकार हम लोगों की मांग नहीं मान लेती तब तक राइस मिलर अपने मिलों का संबंध सरकार से नहीं रखेंगे। उनके मुताबिक जनपद में कुल 55 मिलें थीं। जिनमें से चार मिले डिफाल्टर घोषित हो गई हैं, अब कुल 53 मिले अवशेष बचे हुए हैं। जिसमें 40 मिले धन के अभाव में कर्ज से दबी हुई हैं, जो बंद होने के कगार पर हैं। सरकार 67 परसेंट रिकवरी मांगती है जो संभव नहीं है।
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