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आश्रम पद्वति में फैली दुर्व्यव्यवस्था
Updated Thu, 27 Sep 2018 11:53 PM IST
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आश्रम पद्धति विद्यालय में निरीक्षण के समय मौजूद बच्चे
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मिर्जापुर। पसरिया स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति बालक विद्यालय में बड़े पैमाने पर बदइंतजामी है जिसके चलते यहां के छात्रों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलती हैं। न मानक के अनुरूप भोजन दिया जाता है और न ही बेहतर शिक्षा। अभी बच्चों में जूते और ड्रेस नहीं बांटे गए हैं। गर्मी और उमस से बुधवार की रात दस छात्रों के बेहोश होने के बाद नाराज छात्र जब सड़क पर उतरे तो अधिकारियों ने मामले को संज्ञान में लिया। देर रात नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर तथा सीओ सदर ने विद्यालय पहुंच कर निरीक्षण किया और जानकारी ली।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में 441 छात्र पंजीकृत हैं लेकिन वर्तमान में 337 छात्र ही उपस्थित हैं। यहां के छात्रों को किताबें, जूते, ड्रेस सरकार की ओर से मुफ्त दिए जाते हैं। भोजन और नाश्ते की भी मुफ्त व्यवस्था है। इसके बाद भी अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलती हैं। अभी तक छात्रों को जूते, ड्रेस नहीं दिए गए हैं। भोजन में किसी दिन चावल दाल या सब्जी रोटी दी जाती है। दूध व फल तो कभी कभी दिया जाता है। सफाई पर ध्यान नहीं दिए जाने से परिसर में जगह-जगह कूड़ा बिखरा रहता है। कई दिन से बिजली आपूर्ति नहीं होने और ट्यूबवेल जलने से जलापूर्ति नहीं हो रही है जिससे छात्र तालाब का पानी पीने को मजबूर है। गर्मी और उमस के चलते बुधवार की रात दस छात्र बेहोश हो गए थे जिससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा था। छात्र बदइंतजामी के विरोध में लाठी डंडा लेकर सड़क पर उतर गए और अमरावती चौराहे पर मिर्जापुर इलाहाबाद मार्ग को जाम कर दिया था। इसकी जानकारी होने पर देर रात नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर तथा सीओ सदर ने विद्यालय पहुंच कर निरीक्षण किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जय सिंह है। यहां दस शिक्षक, दो परिचारक, चार स्वीपर, एक
गेटमैन, लिपिक समेत दो कर्मचारी तैनात हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रति छात्र पर शासन की ओर से 75 रुपये दिए जाते हैं। इसमें भोजन, नाश्ता, दूध और फल देना होता है। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन की ओर से सिर्फ मानक के विपरीत भोजन दिया जाता है। दूध और फल तो नाम मात्र का दिया जाता है। विद्यालय प्रशासन की मानें तो भोजन और नाश्ते के लिए एक माह में नौ लाख 41 हजार रुपये मिलते हैं। प्रतिदिन 33 हजार रुपये खर्च होते हैं।
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में 441 छात्र पंजीकृत हैं लेकिन वर्तमान में 337 छात्र ही उपस्थित हैं। यहां के छात्रों को किताबें, जूते, ड्रेस सरकार की ओर से मुफ्त दिए जाते हैं। भोजन और नाश्ते की भी मुफ्त व्यवस्था है। इसके बाद भी अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिलती हैं। अभी तक छात्रों को जूते, ड्रेस नहीं दिए गए हैं। भोजन में किसी दिन चावल दाल या सब्जी रोटी दी जाती है। दूध व फल तो कभी कभी दिया जाता है। सफाई पर ध्यान नहीं दिए जाने से परिसर में जगह-जगह कूड़ा बिखरा रहता है। कई दिन से बिजली आपूर्ति नहीं होने और ट्यूबवेल जलने से जलापूर्ति नहीं हो रही है जिससे छात्र तालाब का पानी पीने को मजबूर है। गर्मी और उमस के चलते बुधवार की रात दस छात्र बेहोश हो गए थे जिससे छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा था। छात्र बदइंतजामी के विरोध में लाठी डंडा लेकर सड़क पर उतर गए और अमरावती चौराहे पर मिर्जापुर इलाहाबाद मार्ग को जाम कर दिया था। इसकी जानकारी होने पर देर रात नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर तथा सीओ सदर ने विद्यालय पहुंच कर निरीक्षण किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जय सिंह है। यहां दस शिक्षक, दो परिचारक, चार स्वीपर, एक
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गेटमैन, लिपिक समेत दो कर्मचारी तैनात हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति विद्यालय में प्रति छात्र पर शासन की ओर से 75 रुपये दिए जाते हैं। इसमें भोजन, नाश्ता, दूध और फल देना होता है। छात्रों का आरोप है कि विद्यालय प्रशासन की ओर से सिर्फ मानक के विपरीत भोजन दिया जाता है। दूध और फल तो नाम मात्र का दिया जाता है। विद्यालय प्रशासन की मानें तो भोजन और नाश्ते के लिए एक माह में नौ लाख 41 हजार रुपये मिलते हैं। प्रतिदिन 33 हजार रुपये खर्च होते हैं।
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