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पिपराडाड़ गांव में चौपाल लगा जाना कुपोषित बच्चों का हाल
Updated Sun, 24 Jun 2018 12:08 AM IST
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मिर्जापुर। जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने शनिवार को सिटी विकास खंड के पिपराडाड़ गांव में चौपाल लगा कुपोषित बच्चों के बारे में न सिर्फ जानकारी ली बल्कि उन्होंने दो अनाथ बच्चियों के प्रति दरियादिली दिखलाते हुए बीएसए को गोद लिए जाने का निर्देश दिया। गोद ली गई बच्चियों का नामांकन कस्तूरबा गांधी विंध्याचल में कराया जाएगा।
चौपाल के दौरान हुई सीधे वार्ता में गांव की किशोरी कु. प्रीती निषाद और लाडो ने जिलाधिकारी को बताया कि माता और पिता के निधन के बाद अपनी दादी के पास रह रही हैं। खराब स्थिति के कारण आगे की पढ़ाई करने में असमर्थ हैं। जिलाधिकारी ने चौपाल में मौजूद बेसिक शिक्षाधिकारी को बच्चियों को गोद लिए जाने का निर्देश दिया। कहा कि ऐसी बच्चियों को आगे की पढ़ाई में किसी प्रकार की दिक्कत न आने दी जाएगी। चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने कुपोषित सभी बच्चों के अभिभावकों के बनाए गए राशन कार्ड की जानकारी लेने के साथ ही अन्य जानकारियां प्राप्त कीं। चौपाल के दौरान गांव की कुछ महिलाओं ने हैंडपंप, पेंशन और खराब सड़क का मुद्दा उठाया। जिस पर उन्होंने निस्तारण कराए जाने का आश्वासन दिया। गांव में प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए एक दिन के अंदर कानूनगो चकबंदी और ग्राम प्रधान को आरक्षित कराए जाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अपने हाथों से गर्भवती महिलाओं व छह से तीन वर्ष तक के बच्चों तथा किशोरियों को पोषाहार वितरण किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बतलाया। इस मौके पर प्रभारी खंड विकास अधिकारी नीरज दुबे, एडीओ पंचायत विजय कुमार मौर्य, वीसी विभा बिंद, ग्राम विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, कौशलेंद्र राय, अक्षैवरनाथ यादव, ग्राम प्रधान पवन कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
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चौपाल के दौरान हुई सीधे वार्ता में गांव की किशोरी कु. प्रीती निषाद और लाडो ने जिलाधिकारी को बताया कि माता और पिता के निधन के बाद अपनी दादी के पास रह रही हैं। खराब स्थिति के कारण आगे की पढ़ाई करने में असमर्थ हैं। जिलाधिकारी ने चौपाल में मौजूद बेसिक शिक्षाधिकारी को बच्चियों को गोद लिए जाने का निर्देश दिया। कहा कि ऐसी बच्चियों को आगे की पढ़ाई में किसी प्रकार की दिक्कत न आने दी जाएगी। चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने कुपोषित सभी बच्चों के अभिभावकों के बनाए गए राशन कार्ड की जानकारी लेने के साथ ही अन्य जानकारियां प्राप्त कीं। चौपाल के दौरान गांव की कुछ महिलाओं ने हैंडपंप, पेंशन और खराब सड़क का मुद्दा उठाया। जिस पर उन्होंने निस्तारण कराए जाने का आश्वासन दिया। गांव में प्रस्तावित आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए एक दिन के अंदर कानूनगो चकबंदी और ग्राम प्रधान को आरक्षित कराए जाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अपने हाथों से गर्भवती महिलाओं व छह से तीन वर्ष तक के बच्चों तथा किशोरियों को पोषाहार वितरण किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा लाभार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बतलाया। इस मौके पर प्रभारी खंड विकास अधिकारी नीरज दुबे, एडीओ पंचायत विजय कुमार मौर्य, वीसी विभा बिंद, ग्राम विकास अधिकारी चंद्र प्रकाश श्रीवास्तव, कौशलेंद्र राय, अक्षैवरनाथ यादव, ग्राम प्रधान पवन कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
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