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नौकरी से निकालने की नोटिस मिलने पर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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मिर्जापुर। आउट सोर्सिंग के माध्यम से प्रदेश भर के स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर तैनात चल रहे 15 हजार स्वास्थ्य कर्मियों की 31 मार्च से सेवा समाप्त करने की नोटिस जारी करने की सूचना के बाद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। रोटी रोजी जाते देख मंडलीय चिकित्सालय विंध्याचल में तैनात कर्मचारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सीएम को संबोधित एक पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। कर्मचारियों ने मांग कि इतने बड़े पैमाने पर तैनात कर्मचारियों की सेवा समाप्त किए जाने से लाखों लोग भूखमरी के शिकार हो जाएंगे। इसलिए इनकी सेवा समाप्त नहीं जाए और इनकी सेवा को बढ़ाने की अनुमति प्रदान की जाए।
बता दे कि सपा सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को सुधारने के लिए आउट सोर्सिग के माध्यम से यूपीएचएसएसपी टी एंड एम के द्वारा प्रदेश भर में विभिन्न पदों के लिए 15 हजार स्वास्थ्य कर्मचारी चिकित्सालयों में तैनात किए गए थे। इसमें चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ओटी टेक्निशियन, डेंटल, एमआरडी क्लर्क समेत अन्य कर्मचारी शामिल है। चिकित्सालयों में तैनात ये कर्मचारी पिछले पांच साल से कार्य कर रहे हैं। लेकिन योगी सरकार ने वर्ष 2019 में कंपनी के साथ करार करने से इंकार कर दिया है। इसको देखते हुए कंपनी ने प्रदेशभर में तैनात चल रहे 15 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी कहा है कि उनका करार सरकार के साथ समाप्त हो गया है इसलिए 31 मार्च तक उनकी सेवा भी समाप्त कर दी जाएगी। इसकी जानकारी होने पर मंडलीय चिकित्सालय विंध्याचल मंडल में तैनात चल रहे 80 संविदा कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। मंगलवार की दोपहर सभी कर्मचारी जिला मुख्यालय पहुुंचे और प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी रोजी रोटी नहीं छिनने की गुहार लगाई है। कहा कि इससे उनको रोजगार मिला है। जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। अगर उनकी नौकरी छीन ली जाएगी तो वह बेरोजगार के साथ साथ साथ परिवार का पालन पोषण करने में परेशान होंगे। इस दौरान सूर्यभान, घनश्याम बिंद, प्रदीप मिश्रा, शैलेश सिंह, रितु निषाद, मनुजा त्रिपाठी, सुषमा देवी, प्रियंका मौर्या, अंकिता सिंह, प्रगति सिंह, शिवाजी सिंह, ज्योत्सना, पूरम चंदेल, हेमा सिंह आदि सैंकड़ों कर्मचारी शामिल रहे।
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बता दे कि सपा सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति को सुधारने के लिए आउट सोर्सिग के माध्यम से यूपीएचएसएसपी टी एंड एम के द्वारा प्रदेश भर में विभिन्न पदों के लिए 15 हजार स्वास्थ्य कर्मचारी चिकित्सालयों में तैनात किए गए थे। इसमें चिकित्सक, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्निशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ओटी टेक्निशियन, डेंटल, एमआरडी क्लर्क समेत अन्य कर्मचारी शामिल है। चिकित्सालयों में तैनात ये कर्मचारी पिछले पांच साल से कार्य कर रहे हैं। लेकिन योगी सरकार ने वर्ष 2019 में कंपनी के साथ करार करने से इंकार कर दिया है। इसको देखते हुए कंपनी ने प्रदेशभर में तैनात चल रहे 15 हजार स्वास्थ्य कर्मियों को नोटिस जारी कहा है कि उनका करार सरकार के साथ समाप्त हो गया है इसलिए 31 मार्च तक उनकी सेवा भी समाप्त कर दी जाएगी। इसकी जानकारी होने पर मंडलीय चिकित्सालय विंध्याचल मंडल में तैनात चल रहे 80 संविदा कर्मचारियों ने नाराजगी जताई है। मंगलवार की दोपहर सभी कर्मचारी जिला मुख्यालय पहुुंचे और प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को संबोधित एक पत्रक जिला प्रशासन को सौंपा। कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनकी रोजी रोटी नहीं छिनने की गुहार लगाई है। कहा कि इससे उनको रोजगार मिला है। जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। अगर उनकी नौकरी छीन ली जाएगी तो वह बेरोजगार के साथ साथ साथ परिवार का पालन पोषण करने में परेशान होंगे। इस दौरान सूर्यभान, घनश्याम बिंद, प्रदीप मिश्रा, शैलेश सिंह, रितु निषाद, मनुजा त्रिपाठी, सुषमा देवी, प्रियंका मौर्या, अंकिता सिंह, प्रगति सिंह, शिवाजी सिंह, ज्योत्सना, पूरम चंदेल, हेमा सिंह आदि सैंकड़ों कर्मचारी शामिल रहे।
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