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दो, गुना बजट खर्च, नहीं तैयार हो सका सीएचसी
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पड़री। विकास खंड पहाड़ी के शिवगढ़ गांव में 2008 से बन रहा 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दो गुना बजट खर्च होने के बावजूद आधा- अधूरा पड़ा हुआ है। इससे ग्रामीण जनता को छोटे-मोटे इलाज के लिए मिर्जापुर या वाराणसी के लिए जाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि क्षेत्रीय जनता की मांग पर शासन की ओर से क्षेत्र के शिवगढ़ में 2008 में तीन करोड़, तीन लाख की लागत से राजकीय निर्माण निगम की ओर से 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने का प्रस्ताव दिया गया था। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते 11 वर्ष बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी आधा-अधूरा पड़ा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो नहीं बन पाया लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का सामान भेजा गया और कुछ स्टाफ की नियुक्ति भी कर दी गई, जो कि वर्तमान समय में पड़री स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध है। विभागीय अधिकारियों की माने तो इसे पूर्ण कराने में लगभग तीन करोड़ रुपए का पुन: प्रस्ताव भेजा गया है। पूर्व में रेशम विभाग के प्रमुख सचिव और जिले के नोडल अधिकारी नवतेज सिंह ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। घटिया सामग्री आदि को देखकर आक्रोश जताते हुए इमारतों की पूरी तरह से जांच कराने और अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भी निर्देश जारी कर दिया। तीन माह बाद नवतेज सिंह का पुन: आगमन हुआ तो जनता द्वारा पुन: सामुदायिक स्वास्थ्य का दुखड़ा रोया गया। इस पर प्रमुख सचिव पुन: शिवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। जिस पर आननफानन में संबंधित जेई और एई सहित प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया। इसके बाद आज भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधूरा है।
निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केेद्र पूर्ण कराने के लिए विभाग की ओर से निगम मुख्यालय से तीन करोड़ रुपए का मांग प्रस्ताव भेजा गया है। धन अवमुक्त होते ही कार्य पूर्ण करा दिया जाएगा। - आरबी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, राजकीय निर्माण निगम
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गौरतलब है कि क्षेत्रीय जनता की मांग पर शासन की ओर से क्षेत्र के शिवगढ़ में 2008 में तीन करोड़, तीन लाख की लागत से राजकीय निर्माण निगम की ओर से 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने का प्रस्ताव दिया गया था। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते 11 वर्ष बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी आधा-अधूरा पड़ा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तो नहीं बन पाया लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का सामान भेजा गया और कुछ स्टाफ की नियुक्ति भी कर दी गई, जो कि वर्तमान समय में पड़री स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध है। विभागीय अधिकारियों की माने तो इसे पूर्ण कराने में लगभग तीन करोड़ रुपए का पुन: प्रस्ताव भेजा गया है। पूर्व में रेशम विभाग के प्रमुख सचिव और जिले के नोडल अधिकारी नवतेज सिंह ने अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया था। घटिया सामग्री आदि को देखकर आक्रोश जताते हुए इमारतों की पूरी तरह से जांच कराने और अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का भी निर्देश जारी कर दिया। तीन माह बाद नवतेज सिंह का पुन: आगमन हुआ तो जनता द्वारा पुन: सामुदायिक स्वास्थ्य का दुखड़ा रोया गया। इस पर प्रमुख सचिव पुन: शिवगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचे। जिस पर आननफानन में संबंधित जेई और एई सहित प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया। इसके बाद आज भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अधूरा है।
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निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केेद्र पूर्ण कराने के लिए विभाग की ओर से निगम मुख्यालय से तीन करोड़ रुपए का मांग प्रस्ताव भेजा गया है। धन अवमुक्त होते ही कार्य पूर्ण करा दिया जाएगा। - आरबी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, राजकीय निर्माण निगम
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