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लल्लन की मौत से गांव में तनाव
Updated Fri, 21 Sep 2018 12:28 AM IST
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ड्रमंडगंज। हलिया थाना क्षेत्र के देवहट गांव में आवास निर्माण के लिए खोदी गई नीव को जबरन पाटने एवं ईट पत्थर गायब करने पर फांसी लगाकर लल्लन केशरी द्वारा आत्म हत्या कर लेने से गावं में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीण एक समुदाय तो नाराज हैं ही पुलिस के उत्पीड़न से भी काफी आक्रोशित हो गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर पुलिस हरिदास उर्फ लल्लन का उत्पीड़न नहीं करती तो हरिदास ऐसा कदम नहीं उठाता। उधर गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
बेटे रामकृष्ण ने कहा कि उसके पिता ने काफी मेहनत करते हुए उसके बुआ को मिले प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराने के लिए नीवं खोदी थी। बगैर खाना खाए वह दिन भर लगकर नींव खोदने में जुटे थे। सोचा था कि जल्दी नीवं डालकर दीवार बना देंगे तो दूसरी किश्त का पैसा भी मिल जाएगा और उसका आवास बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी बीच ताजिया ले जाने को लेकर एक समुदाय से विवाद हो गया और पुलिस उनको थाने उठा ले गई। जहां उनको झूठे मुकदमें में फंसने की धमकी देते हुए पीटती रही। जिससे वह काफी दुखी हो गए। इसके अलावा जब अपनी बहन के यहां पहुंचे तो उसके आवास के लिए खोदी गई नींव को पटा देख तथा वहां से ईट पत्थर गायब करने पर उनका मन टूट गया और उन्होंने आत्म करने जैसा बड़ा कदम उठा लिया। कहा कि उनके आत्म हत्या करने में पुलिस और विपक्षी का बहुत बड़ा हाथ है। अगर वह लोग मेरे पिता के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करते तो वह ऐसा कदम नहीं उठाते। ग्रामीणों ने बताया कि हरिदास को दो बेटी तथा तीन बेटे हैं। जिसमें बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। बेटों की शादी अभी नहीं हुई हैं। मृतक छोटी सी किराना का दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार के साथ साथ ग्रामीणों में आक्रोश है।
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बेटे रामकृष्ण ने कहा कि उसके पिता ने काफी मेहनत करते हुए उसके बुआ को मिले प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कराने के लिए नीवं खोदी थी। बगैर खाना खाए वह दिन भर लगकर नींव खोदने में जुटे थे। सोचा था कि जल्दी नीवं डालकर दीवार बना देंगे तो दूसरी किश्त का पैसा भी मिल जाएगा और उसका आवास बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसी बीच ताजिया ले जाने को लेकर एक समुदाय से विवाद हो गया और पुलिस उनको थाने उठा ले गई। जहां उनको झूठे मुकदमें में फंसने की धमकी देते हुए पीटती रही। जिससे वह काफी दुखी हो गए। इसके अलावा जब अपनी बहन के यहां पहुंचे तो उसके आवास के लिए खोदी गई नींव को पटा देख तथा वहां से ईट पत्थर गायब करने पर उनका मन टूट गया और उन्होंने आत्म करने जैसा बड़ा कदम उठा लिया। कहा कि उनके आत्म हत्या करने में पुलिस और विपक्षी का बहुत बड़ा हाथ है। अगर वह लोग मेरे पिता के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करते तो वह ऐसा कदम नहीं उठाते। ग्रामीणों ने बताया कि हरिदास को दो बेटी तथा तीन बेटे हैं। जिसमें बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है। बेटों की शादी अभी नहीं हुई हैं। मृतक छोटी सी किराना का दुकान चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार के साथ साथ ग्रामीणों में आक्रोश है।
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