{"_id":"5a22f1a54f1c1bb6678bf859","slug":"181512239525-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपसी गुटबंदी के चलते कछवां में हारी भाजपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपसी गुटबंदी के चलते कछवां में हारी भाजपा
Updated Sun, 03 Dec 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
कछवां। नगर निकाय पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में गुटबंदी खुलकर सामने आ गई है। नगर पंचायत कछवां से भाजपा प्रत्याशी राजेश जायसवाल ने जिलाध्यक्ष, क्षेत्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को पत्र भेजकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर सहयोग नहीं करने और खुलकर विरोध करने का आरोप लगाया है। नगर पंचायत कछवां में भाजपा के हार के लिए पदाधिकारियों की गुटबंदी को जिम्मेदार बताया है।
प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्रक में राजेश कुमार जायसवाल ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए पार्टी द्वारा प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन पार्टी द्वारा घोषणा के बाद से ही पूर्व जिला कोषाध्यक्ष संतोष सिंह, मंडल मंत्री मधुसुदन शर्मा, विजय गुप्ता, पवन मिश्रा, अशोक सिंह आदि द्वारा खुलकर विरोध किया गया। इनके द्वारा निर्दल प्रत्याशी पंधारी यादव का खुलकर समर्थन किया गया। इनके द्वारा पार्टी द्वारा अधिकृत सदस्य पद के प्रत्याशियों का भी जमकर विरोध किया गया। इनको विधायक सुचिश्मिता मौर्य, नगर निकाय चुनाव प्रभारी महेंद्र सिंह पटेल, जिला निकाय चुनाव प्रभारी महेश्वर आदि ने भी इनको समझाया था। इनके द्वारा समझाने के बाद भी जमकर विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि इन पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
भारतीय जनता पार्टी के साथ विश्वासघात, अनुशासनहीनता कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जानकारी उच्च पदाधिकारियों को दी जाएगे पार्टी विरोधी लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। - बालेंदुमणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष भाजपा।
प्रदेश अध्यक्ष को भेजे पत्रक में राजेश कुमार जायसवाल ने कहा कि अध्यक्ष पद के लिए पार्टी द्वारा प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन पार्टी द्वारा घोषणा के बाद से ही पूर्व जिला कोषाध्यक्ष संतोष सिंह, मंडल मंत्री मधुसुदन शर्मा, विजय गुप्ता, पवन मिश्रा, अशोक सिंह आदि द्वारा खुलकर विरोध किया गया। इनके द्वारा निर्दल प्रत्याशी पंधारी यादव का खुलकर समर्थन किया गया। इनके द्वारा पार्टी द्वारा अधिकृत सदस्य पद के प्रत्याशियों का भी जमकर विरोध किया गया। इनको विधायक सुचिश्मिता मौर्य, नगर निकाय चुनाव प्रभारी महेंद्र सिंह पटेल, जिला निकाय चुनाव प्रभारी महेश्वर आदि ने भी इनको समझाया था। इनके द्वारा समझाने के बाद भी जमकर विरोध किया गया। उन्होंने कहा कि इन पदाधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
भारतीय जनता पार्टी के साथ विश्वासघात, अनुशासनहीनता कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जानकारी उच्च पदाधिकारियों को दी जाएगे पार्टी विरोधी लोगों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। - बालेंदुमणि त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष भाजपा।
विज्ञापन