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अपात्रों को शौचालय देने से पात्र हो रहे वंचित
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:27 AM IST
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मिर्जापुर। जिले में एक लाख से अधिक घरों में अभी शौचालय नहीं बने हैं। ऐसे में खुले में शौच मुक्त घोषित करने की बात सपना बेमानी है। इसके अलावा तमाम जरूरतमंदों को शौचालय मिले ही नहीं है और अपात्रों का चयन कर लिया गया है। इसकी शिकायतें भी आ रही हैं। ऊपर से गिट्टी-बालू की कीमतें बढ़ने के कारण तमाम लोग शौचालयों का निर्माण ही नहीं करवा रहे हैं।
जिले को खुले मेें शौच मुक्त बनाने के लिए दो लाख 27 हजार 202 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है। इसमें से अब तक एक लाख 22 हजार घरों में ही 138 शौचालय जारी किए गए हैं। जो जारी हुए हैं उनमें भी निर्माण की गति सुस्त है। अब तक महज एक लाख 19 हजार 942 शौचालयों का निर्माण हुआ है। उनकी एमआईएस फीडिंग भी कराई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की। इसके तहत दो 2019 तक देश को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। तीन वर्षों में जितने शौचालय जिले में बने हैं लगभग उतने ही अगले दो वर्षों में बनाने होंगे तब जाकर जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करना संभव हो पाएगा।
मिशन के जिला समन्वयक विनोद श्रीवास्तव ने बताया विकास खंड छानबे में 43 हजार सात, हलिया में 23 हजार 329, जमालपुर में 20 हजार 747, कोन में 12 हजार 94, लालगंज में नौ हजार 517, मझवां में 14 हजार 348, सिटी में 27 हजार 740, नरायनपुर में 26 हजार 140, पहाड़ी में 14 हजार 734, पटेहरा में सात हजार 46, राजगढ़ में 16 हजार 862 तथा सीखड़ में 11 हजार 638 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।मर अभी एक लाख 22 हजार 138 शौचालय जारी हुए हैं। उनका निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
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वर्जन
स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों व शहरों में शौचालय बनाने के साथ ही कचरे का प्रबंधन भी किया जाना है। शौचालयों का इस्तेमाल करने और उसे स्वच्छ रखने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। सफाई के प्रति लोगों की रुचि का विकास जागरूकता से ही किया जा सकता है और इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है। - प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी।
जिले को खुले मेें शौच मुक्त बनाने के लिए दो लाख 27 हजार 202 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य है। इसमें से अब तक एक लाख 22 हजार घरों में ही 138 शौचालय जारी किए गए हैं। जो जारी हुए हैं उनमें भी निर्माण की गति सुस्त है। अब तक महज एक लाख 19 हजार 942 शौचालयों का निर्माण हुआ है। उनकी एमआईएस फीडिंग भी कराई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्टूबर 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की। इसके तहत दो 2019 तक देश को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। तीन वर्षों में जितने शौचालय जिले में बने हैं लगभग उतने ही अगले दो वर्षों में बनाने होंगे तब जाकर जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित करना संभव हो पाएगा।
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मिशन के जिला समन्वयक विनोद श्रीवास्तव ने बताया विकास खंड छानबे में 43 हजार सात, हलिया में 23 हजार 329, जमालपुर में 20 हजार 747, कोन में 12 हजार 94, लालगंज में नौ हजार 517, मझवां में 14 हजार 348, सिटी में 27 हजार 740, नरायनपुर में 26 हजार 140, पहाड़ी में 14 हजार 734, पटेहरा में सात हजार 46, राजगढ़ में 16 हजार 862 तथा सीखड़ में 11 हजार 638 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।मर अभी एक लाख 22 हजार 138 शौचालय जारी हुए हैं। उनका निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों व शहरों में शौचालय बनाने के साथ ही कचरे का प्रबंधन भी किया जाना है। शौचालयों का इस्तेमाल करने और उसे स्वच्छ रखने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। सफाई के प्रति लोगों की रुचि का विकास जागरूकता से ही किया जा सकता है और इसके लिए अभियान चलाया जा रहा है। - प्रियंका निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी।