{"_id":"5c8aa687bdec2214323f2f67","slug":"171552590471-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्य बहिष्कार मामले पर एसडीएम अधिवक्ताओं संग की वार्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्य बहिष्कार मामले पर एसडीएम अधिवक्ताओं संग की वार्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनार। उपजिलाधिकारी चुनार ने अधिवक्ताओं संग परिचय बैठक आहूत की गई। गुरुवार को तहसील सभागार में हुई बैठक में परिचय के बाद बीते कई दिनों से अधिवक्ताओं की ओर से किए जा रहे कार्य बहिष्कार मामले का निस्तारण वार्ता के जरिए हल निकाले जाने की पहल की गई।
अधिवक्ताओं ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण में तमाम अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इसके विरोध में समस्त राजस्व न्यायालयों का तीन माह से अनवरत कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को बताया कि दाखिल खारिज का मुकदमा जिसका निस्तारण 35 से 45 दिनों में होना चाहिए। पैमाइश के लिए सरहदी काश्तकारों को नोटिस प्राप्त कराए जाने की पूरी प्रक्रिया होने के बाद भी उसका सीमांकन किए जाने में काफी समय लगाया जा रहा है। मुकदमों के खारिज के बाद दिए गए रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उसमें अग्रिम कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी तरह, वरासत, फाट बंटवारा आदि तहसील एवं राजस्व के कार्यों में व्याप्त अनियमितताओं को अधिवक्ताओं ने गिनाया। उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि पूर्व में तहसील के अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यशैली क्या थी, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अनियमितता बरते जाने की बात मेरे सामने आई है, जिसे शीघ्र दूर किया जाएगा। उपजिलाधिकारी की बात सुनने के बाद बार के अध्यक्ष मुन्नू गुप्ता ने बार एसोसिएशन की बैठक कर निर्णय से अवगत कराने कही बात कही। बार अध्यक्ष मुन्नू गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरूदास, महामंत्री राजकुमार सिंह, सत्येंद्र नाथ दिवेदी, कैलाशनाथ, गजेंद्र नारायण सिंह, शीतला प्रसाद, अखिलेश सिंह, निखिल सिंह, कलाधर चतुर्वेदी, राजेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों के निस्तारण में तमाम अनियमितताएं बरती जा रही हैं। इसके विरोध में समस्त राजस्व न्यायालयों का तीन माह से अनवरत कार्य का बहिष्कार किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी को बताया कि दाखिल खारिज का मुकदमा जिसका निस्तारण 35 से 45 दिनों में होना चाहिए। पैमाइश के लिए सरहदी काश्तकारों को नोटिस प्राप्त कराए जाने की पूरी प्रक्रिया होने के बाद भी उसका सीमांकन किए जाने में काफी समय लगाया जा रहा है। मुकदमों के खारिज के बाद दिए गए रेस्टोरेशन प्रार्थना पत्र के तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी उसमें अग्रिम कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी तरह, वरासत, फाट बंटवारा आदि तहसील एवं राजस्व के कार्यों में व्याप्त अनियमितताओं को अधिवक्ताओं ने गिनाया। उपजिलाधिकारी सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि पूर्व में तहसील के अधिकारियों, कर्मचारियों की कार्यशैली क्या थी, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अनियमितता बरते जाने की बात मेरे सामने आई है, जिसे शीघ्र दूर किया जाएगा। उपजिलाधिकारी की बात सुनने के बाद बार के अध्यक्ष मुन्नू गुप्ता ने बार एसोसिएशन की बैठक कर निर्णय से अवगत कराने कही बात कही। बार अध्यक्ष मुन्नू गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुरूदास, महामंत्री राजकुमार सिंह, सत्येंद्र नाथ दिवेदी, कैलाशनाथ, गजेंद्र नारायण सिंह, शीतला प्रसाद, अखिलेश सिंह, निखिल सिंह, कलाधर चतुर्वेदी, राजेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन