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ग्रमीणांचलों में होली की धूम, उड़े अबीर गुलाल
Updated Sun, 04 Mar 2018 12:04 AM IST
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मिर्जापुर। ग्रामीण इलाकों में होली परंपरागत रूप से मनाई गई। रंग खेलने के साथ युवा डीजे की धुन पर थिरकते रहे। शाम को घर-घर जाकर बड़ों को अबीर गुलाल लगाकर लोगों ने आशीर्वाद लिया।
चुनार: लोगों ने सुबह रंग खेलने के बाद शाम को अबीर गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली की बधाई दी। सराय टेकौर, दरगाह शरीफ व सददूपुर मुहल्ले में रंग खेलने व साउंड सिस्टम पर नाचने को लेकर युवकों में मारपीट हुई। अहरौरा: क्षेत्र में होली धूमधाम से मनाई गई। कछवां: होली का पर्व शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शाम चार बजे जमुआ बाजार में लठ मार होली का आयोजन हुआ। लालगंज: उपरौध के ग्रामीण भरौह स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन करके एक दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी प्रेम का जयघोष किया। वहीं परिसर में क्षेत्रीय कलाकारों ने भजन गाकर लोगों का मनोरंजन किया गया। लालगंज, निनवार, कठवार, पतुलकी, खजुरी, बसही, बस्तरा, डुहिया, खुर्दा, लालापुर, बबुरा, तेंदुई, बसकोप, निनवार, बभनी, मानिकपुर, हर्दिहा, बनवारी में होली परंपरागत रूप से मनी। ड्रमंडगंज: ड्रमंडगंज, रतेह और बरौंधा में होली सकुशल संपन्न र्हुई। आदिवासियों की ओर से इस बार ढोल नगाड़ा बजाकर होली नहीं मनाई गई। हलिया: होली का पर्व व जूमे की नमाज एक साथ होने के कारण हलिया पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही। जिगना संवाददाता के अनुसार छानबे क्षेत्र में हल्की फुल्की घटना के साथ परंपरागत तरीके से होली का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। उधर, अदलहाट, जमालपुर, मड़िहान, शेरवा, चील्ह, चेतगंज, राजगढ़, पड़री, आदि स्थानों पर लोगों ने धूमधाम से होली का त्योहार मनाया।
विंध्याचल: विंध्य धाम में होली सौहार्द के साथ मनाई गई। पुलिस की मौजूदगी में इस बार धाम में दलित महिलाओं ने भी भयमुक्त होकर होली खेली। नगरवासियों ने होली पर्व पर सभ्यता का परिचय दिखाया और दर्शनार्थियो को रंगों से दूर रखा। लोगों ने समूह बनाकर अलग अलग टोलियों के साथ ढोल और तासे की धुन पर नाचते गाते होली का आनंद उठाया।
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चुनार: लोगों ने सुबह रंग खेलने के बाद शाम को अबीर गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली की बधाई दी। सराय टेकौर, दरगाह शरीफ व सददूपुर मुहल्ले में रंग खेलने व साउंड सिस्टम पर नाचने को लेकर युवकों में मारपीट हुई। अहरौरा: क्षेत्र में होली धूमधाम से मनाई गई। कछवां: होली का पर्व शांति पूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। शाम चार बजे जमुआ बाजार में लठ मार होली का आयोजन हुआ। लालगंज: उपरौध के ग्रामीण भरौह स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन करके एक दूसरे को गुलाल लगाकर आपसी प्रेम का जयघोष किया। वहीं परिसर में क्षेत्रीय कलाकारों ने भजन गाकर लोगों का मनोरंजन किया गया। लालगंज, निनवार, कठवार, पतुलकी, खजुरी, बसही, बस्तरा, डुहिया, खुर्दा, लालापुर, बबुरा, तेंदुई, बसकोप, निनवार, बभनी, मानिकपुर, हर्दिहा, बनवारी में होली परंपरागत रूप से मनी। ड्रमंडगंज: ड्रमंडगंज, रतेह और बरौंधा में होली सकुशल संपन्न र्हुई। आदिवासियों की ओर से इस बार ढोल नगाड़ा बजाकर होली नहीं मनाई गई। हलिया: होली का पर्व व जूमे की नमाज एक साथ होने के कारण हलिया पुलिस की चाक चौबंद व्यवस्था रही। जिगना संवाददाता के अनुसार छानबे क्षेत्र में हल्की फुल्की घटना के साथ परंपरागत तरीके से होली का पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। उधर, अदलहाट, जमालपुर, मड़िहान, शेरवा, चील्ह, चेतगंज, राजगढ़, पड़री, आदि स्थानों पर लोगों ने धूमधाम से होली का त्योहार मनाया।
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विंध्याचल: विंध्य धाम में होली सौहार्द के साथ मनाई गई। पुलिस की मौजूदगी में इस बार धाम में दलित महिलाओं ने भी भयमुक्त होकर होली खेली। नगरवासियों ने होली पर्व पर सभ्यता का परिचय दिखाया और दर्शनार्थियो को रंगों से दूर रखा। लोगों ने समूह बनाकर अलग अलग टोलियों के साथ ढोल और तासे की धुन पर नाचते गाते होली का आनंद उठाया।
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