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हाट पैड बना आवारा पशुओं का अड्डा
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:08 AM IST
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हलिया। कृषि उपज मंडी की अनुपलब्धता के कारण हलिया बाजार जाम के झाम से जूझ रहा है। उधर मुख्य बाजार से दो किलोमीटर दूर लाखों रुपये की लागत से बना हाट पैड अनुपयोगी सिद्ध हो रहा है। हलिया बाजार में अलग से सब्जी मंडी न होने के कारण सड़क पर ही सब्जी मंडी लगती है। ब्लॉक, थाना, सरकारी अस्पताल, बैंकों, कई शिक्षण संस्थानों के अलावा कई अन्य व्यवसायिक कारणों से हलिया बाजार में सुबह से शाम तक आवागमन का भारी दबाव बना रहता है। ऐसे में माता चौरा, भटवारी रोड, अस्पताल तिराहा तथा दुर्गा बाजार आदि अति व्यस्त स्थलों पर सड़क के किनारे पटरी पर लगने वाली दूकानों के चलते हर समय जाम लगा रहता है।पटरी पर बैठे दुकानदारों और जाम में फंसे लोगों के बीच आए दिन कहासुनी होती रहती है। हलिया में 10 वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से एक हाट पैड का निर्माण कराया गया था। बिडंबना यह है कि हाट पैड का निर्माण बाजार से करीब दो किलोमीटर दूर हलिया पहाड़ी पर कराया गया है। बाजार से दूर सुनसान जगह पर हाट पैड होने से फुटपाथ व्यापारी वहां अपनी दुकान लगाने नहीं जाते हैं। वहीं वीरान जगह पर बना हाट पैड वर्तमान में आवारा पशुओं की शरण स्थली बन कर रह गया है। स्थानीय बाजार के फुटपाथ दुकानदारों का कहना है कि बाजार के नजदीक मंडी का निर्माण हो जाता तो बाजार में जाम के झाम से होने वाली दिन रात की झंझट से लोगों को निजात मिल जाता। स्थानीय नागरिक शिवबाबू सेठ, अजय गिरी, मुन्ना सिंह आदि का कहना है कि हलिया बाजार को जाम से निजात दिलाने के लिए कृषि उपज मंडी का निर्माण कराया जाना बहुत आवश्यक है।
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