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समितियों के क्रय केंद्रों पर नहीं हो रही धान खरीद
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:18 AM IST
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राजगढ़ (मिर्जापुर)।
विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते राजगढ़ ब्लॉक में किसानों से धान खरीद नहीं हो पा रही है। किसान क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। क्रय केंद्रों पर लापरवाही का आलम है। किसी क्रय केंद्र पर बोरा तो किसी क्रय केंद्र पर धनराशि के अभाव में धान खरीद नहीं हो पा रहा है। वहीं, जिले में समितियों द्वारा बनाए गए क्रय केंद्रों पर धान खरीद नहीं हो पा रही है।
विकास खंड राजगढ़ में क्षेत्र में सरकार ने किसानों से धान खरीदने के लिए 13 क्रय केंद्र खोल रखा है, लेकिन खाद्य विभाग के अलावा अन्य सभी केंद्र वर्तमान समय में बंद चल रहे है, जिससे किसानों को 1550 के जगह महज 12 सौ रुपये में ही अपना धान बेचना पड़ रहा है। क्षेत्र में पीसीएफ से चार, शिवाय उपभोक्ता समिति से एक, कृष्णा उपभोक्ता समिति से दो, ओम उपभोक्ता समिति से तीन, कर्मचारी कल्याण समिति से दो, खाद्य विभाग के एक धान क्रय केंद्र खोले गए है, जिसमें पीसीएफ के केंद्रों पर बोरा ही नहीं है। वहीं कर्मचारी कल्याण निगम का केंद्र के बारे में किसानों को पता ही नहीं है। शिवाय, ओम, कृष्णा उपभोक्ता समिति के साथ कोई मिल अटैच नहीं होने के चलते खरीद नहीं हो पा रही है। केंद्र प्रभारियों का धान खरीदने में नमी, धान का पतला होना, हाइब्रिड में चावल की रिकवरी का नहीं होने का बहाना बना रहे है। राजगढ़ क्षेत्र में अब तक लगभग 26 सौ कुंतल धान 45 किसानों का खरीद सकी है, जिसमें अकेले खाद्य विभाग का ही 25 सौ कुंतल है। एसएमआई रविशंकर सिंह ने कहा कि उनके द्वारा सभी केंद्रों के लिए बोरा और धनावंटन कर दिया गया है। कई केंद्र नहीं खोले जा रहे है। जिसकी जानकारी विभाग को दी जा चुकी है।
क्रय केंद्र पर नहीं है बोरा
कैलहट। क्षेत्र के किसानों से धान खरीद के लिए साधन सहकारी समिति लिमिटेड कैलहट को क्रय केंद्र बनाया गया है। क्रय केंद्र पर बोरी और पैसे के अभाव में खरीद बंद है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सचिव घूरे प्रसाद सिंह ने बताया कि अब तक कुल 10 किसानों से 400 कुंतल ही धान की खरीद हो पाई है। केंद्र से 10 हजार कुंतल धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। पिछले तीन दिनों से किसान धान बेचने के लिए आ रहे है परंतु बोरी के अभाव में खरीददारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में शेष 58 दिनों में खरीद का लक्ष्य पूरा होने में संशय बना हुआ है। बताया कि बोरी उपलब्ध नहीं होने की सूचना जिले पर दी जा चुकी है। दूसरी ओर खरीदे हुए धान का उठान न होने से गोदाम डंप हो गया है।
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विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते राजगढ़ ब्लॉक में किसानों से धान खरीद नहीं हो पा रही है। किसान क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए परेशान हो रहे हैं। क्रय केंद्रों पर लापरवाही का आलम है। किसी क्रय केंद्र पर बोरा तो किसी क्रय केंद्र पर धनराशि के अभाव में धान खरीद नहीं हो पा रहा है। वहीं, जिले में समितियों द्वारा बनाए गए क्रय केंद्रों पर धान खरीद नहीं हो पा रही है।
विकास खंड राजगढ़ में क्षेत्र में सरकार ने किसानों से धान खरीदने के लिए 13 क्रय केंद्र खोल रखा है, लेकिन खाद्य विभाग के अलावा अन्य सभी केंद्र वर्तमान समय में बंद चल रहे है, जिससे किसानों को 1550 के जगह महज 12 सौ रुपये में ही अपना धान बेचना पड़ रहा है। क्षेत्र में पीसीएफ से चार, शिवाय उपभोक्ता समिति से एक, कृष्णा उपभोक्ता समिति से दो, ओम उपभोक्ता समिति से तीन, कर्मचारी कल्याण समिति से दो, खाद्य विभाग के एक धान क्रय केंद्र खोले गए है, जिसमें पीसीएफ के केंद्रों पर बोरा ही नहीं है। वहीं कर्मचारी कल्याण निगम का केंद्र के बारे में किसानों को पता ही नहीं है। शिवाय, ओम, कृष्णा उपभोक्ता समिति के साथ कोई मिल अटैच नहीं होने के चलते खरीद नहीं हो पा रही है। केंद्र प्रभारियों का धान खरीदने में नमी, धान का पतला होना, हाइब्रिड में चावल की रिकवरी का नहीं होने का बहाना बना रहे है। राजगढ़ क्षेत्र में अब तक लगभग 26 सौ कुंतल धान 45 किसानों का खरीद सकी है, जिसमें अकेले खाद्य विभाग का ही 25 सौ कुंतल है। एसएमआई रविशंकर सिंह ने कहा कि उनके द्वारा सभी केंद्रों के लिए बोरा और धनावंटन कर दिया गया है। कई केंद्र नहीं खोले जा रहे है। जिसकी जानकारी विभाग को दी जा चुकी है।
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क्रय केंद्र पर नहीं है बोरा
कैलहट। क्षेत्र के किसानों से धान खरीद के लिए साधन सहकारी समिति लिमिटेड कैलहट को क्रय केंद्र बनाया गया है। क्रय केंद्र पर बोरी और पैसे के अभाव में खरीद बंद है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सचिव घूरे प्रसाद सिंह ने बताया कि अब तक कुल 10 किसानों से 400 कुंतल ही धान की खरीद हो पाई है। केंद्र से 10 हजार कुंतल धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। पिछले तीन दिनों से किसान धान बेचने के लिए आ रहे है परंतु बोरी के अभाव में खरीददारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में शेष 58 दिनों में खरीद का लक्ष्य पूरा होने में संशय बना हुआ है। बताया कि बोरी उपलब्ध नहीं होने की सूचना जिले पर दी जा चुकी है। दूसरी ओर खरीदे हुए धान का उठान न होने से गोदाम डंप हो गया है।
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