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सूख रही धान की फसल, किसान परेशान
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:47 AM IST
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अदलहाट। नहरों के टेल तक पानी न आ पाने के कारण धान की लहलहाती दो सौ बीघा की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है।परिश्रम व लागत से तैयार की गई फसलों को सूखते देख किसान परेशान हैं किंतु कोई वश नही चल पा रहा है। नहरों मे उगी सदाबहार की झाड़ी तथा किनारे उगी घास और पानी के कम पंसाल के चलते टेलों तक पानी अभी तक नही पहुंच पाया है।
बता दें कि अहरौरा बंधे से निकले माइनर मुगलसराय राजवाहा में उगे बेहया के पौधेे जगह-जगह बने झालों को बांधे जाने से उससे संबंधित कौड़िया माइनर, चंद्रताली माइनर, हिनौती माइनर, पथरौरा माइनर की स्थिति बद से बदतर है। माइनरों मे लगे ठोकरों को तोड़ दिया गया है । टूटे ठोकरों को आज तक ठीक नही कराया गया। टेल तक पानी न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण नहरों के तल्लियों की साफ सफाई न होना है, जबकि प्रतिवर्ष नहरों के तल्लियों की सफाई व टूटे फूटे डौलों की मरम्मत के लिए सरकार से बजट आता है परंतु विभागीय कर्मचारियों के जेब की शोभा बढाता है। इसका खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों के पास अपने लहलहाती धान की फसल को सूखते देख मात्र आंसू बहाने के शिवाय उनके पास कोई चारा नही है। इन माइनरों के टेल तक की लगभग दो सौ बीघा धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है।विभाग के इस लापरवाही व उदासीनता के चलते किसान निराश हो चुके हैं ।क्षेत्रीय किसान अमरनाथ, मंशा राम, गुड्डू सिंह, जामवंत सिंह, राम सिंह, तारे लाल, महेन्द्र सिंह, महेश दूबे, कल्लू राम, राजनारायन सिंह, अनिल सिंह आदि ने जिलाधिकारी मिर्जापुर सहित विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है।
बता दें कि अहरौरा बंधे से निकले माइनर मुगलसराय राजवाहा में उगे बेहया के पौधेे जगह-जगह बने झालों को बांधे जाने से उससे संबंधित कौड़िया माइनर, चंद्रताली माइनर, हिनौती माइनर, पथरौरा माइनर की स्थिति बद से बदतर है। माइनरों मे लगे ठोकरों को तोड़ दिया गया है । टूटे ठोकरों को आज तक ठीक नही कराया गया। टेल तक पानी न पहुंचने का सबसे बड़ा कारण नहरों के तल्लियों की साफ सफाई न होना है, जबकि प्रतिवर्ष नहरों के तल्लियों की सफाई व टूटे फूटे डौलों की मरम्मत के लिए सरकार से बजट आता है परंतु विभागीय कर्मचारियों के जेब की शोभा बढाता है। इसका खामियाजा आज किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों के पास अपने लहलहाती धान की फसल को सूखते देख मात्र आंसू बहाने के शिवाय उनके पास कोई चारा नही है। इन माइनरों के टेल तक की लगभग दो सौ बीघा धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है।विभाग के इस लापरवाही व उदासीनता के चलते किसान निराश हो चुके हैं ।क्षेत्रीय किसान अमरनाथ, मंशा राम, गुड्डू सिंह, जामवंत सिंह, राम सिंह, तारे लाल, महेन्द्र सिंह, महेश दूबे, कल्लू राम, राजनारायन सिंह, अनिल सिंह आदि ने जिलाधिकारी मिर्जापुर सहित विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट किया है।
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