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निदेशक महिला कल्याण के निर्देश महादेव शिशु गृह को कराया गया बंद
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:28 AM IST
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मिर्जापुर। एक वर्ष में चार बच्चों की मौत मामले की जांच में लापरवाही पाए जाने पर निदेशक महिला कल्याण के निर्देश पर नगर के भरूहना स्थित महादेव शिशु गृह को बंद कर दिया गया। शिशु गृह में मौजूद नौ बच्चों को शनिवार की सुबह डाक्टरों की एक टीम की निगरानी में दो एंबुलेंसों से राजकीय बाल शिशु गृह लखनऊ भेज दिया गया।
महादेव बाल शिशु गृह में बरामद लावारिस नवजात शिशुओं का पालन पोषण किया जाता था। तीन वर्ष से इसमें दस से अधिक बच्चे रह रहे थे लेकिन संस्था की ओर से उनकी अपेक्षित देखभाल नहीं की जाती थी। परिणाम यह रहा कि वर्ष 2017 में शिशु गृह में चार बच्चों की अबूझ हालत में मौत हो गई। इसको लेकर प्रशासन में हड़कंप मच गया था। जानकारी होने पर शासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जनवरी में केंद्र सरकार की टीम ने संस्था में पहुंचकर बच्चों की मौत मामले की जांच की। इसके बाद बाल कल्याण विभाग के सचिव ने खुद आकर इसकी जांच की। जांच के दौरान दोनों टीमों ने पाया कि संस्था की लापरवाही के चलते बच्चों की मौत हुई। जांच रिपोर्ट मिलते ही निदेशक महिला कल्याण ने तत्काल महादेव बाल शिशु गृह को बंद कर वहां मौजूद बच्चों को राजकीय बाल गृह शिशु लखनऊ स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। इसके बाद शनिवार को बाल कल्याण समिति मिर्जापुर के अधिकारियों ने महादेव बाल शिशु गृह को बंद करा दिया। वहां मौजूद नवजात से एक साल के तीन बालक व छह बालिकाओं को एक डाक्टर, दो नर्स समेत पांच सदस्यीय टीम के नेतृत्व में दो एंबुलेंसों से राजकीय बाल गृह लखनऊ भेज दिया।
जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेंद्र बहादुर सिंह महिला कल्याण के निदेशक के निर्देश पर महादेव बाल शिशु गृह को बंद कर दिया गया। इसमें मौजूद नौ बच्चों में दो एंबुलेंसों से राजकीय बाल गृह लखनऊ भेज दिया गया। चार बच्चों की मौत लापरवाही से होने की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
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महादेव बाल शिशु गृह में बरामद लावारिस नवजात शिशुओं का पालन पोषण किया जाता था। तीन वर्ष से इसमें दस से अधिक बच्चे रह रहे थे लेकिन संस्था की ओर से उनकी अपेक्षित देखभाल नहीं की जाती थी। परिणाम यह रहा कि वर्ष 2017 में शिशु गृह में चार बच्चों की अबूझ हालत में मौत हो गई। इसको लेकर प्रशासन में हड़कंप मच गया था। जानकारी होने पर शासन ने मामले को गंभीरता से लिया। जनवरी में केंद्र सरकार की टीम ने संस्था में पहुंचकर बच्चों की मौत मामले की जांच की। इसके बाद बाल कल्याण विभाग के सचिव ने खुद आकर इसकी जांच की। जांच के दौरान दोनों टीमों ने पाया कि संस्था की लापरवाही के चलते बच्चों की मौत हुई। जांच रिपोर्ट मिलते ही निदेशक महिला कल्याण ने तत्काल महादेव बाल शिशु गृह को बंद कर वहां मौजूद बच्चों को राजकीय बाल गृह शिशु लखनऊ स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। इसके बाद शनिवार को बाल कल्याण समिति मिर्जापुर के अधिकारियों ने महादेव बाल शिशु गृह को बंद करा दिया। वहां मौजूद नवजात से एक साल के तीन बालक व छह बालिकाओं को एक डाक्टर, दो नर्स समेत पांच सदस्यीय टीम के नेतृत्व में दो एंबुलेंसों से राजकीय बाल गृह लखनऊ भेज दिया।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेंद्र बहादुर सिंह महिला कल्याण के निदेशक के निर्देश पर महादेव बाल शिशु गृह को बंद कर दिया गया। इसमें मौजूद नौ बच्चों में दो एंबुलेंसों से राजकीय बाल गृह लखनऊ भेज दिया गया। चार बच्चों की मौत लापरवाही से होने की पुष्टि होने पर यह कार्रवाई की गई।
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