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गिरने के कगार पर हैं नगर के 16 भवन
ब्यूरो/अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Fri, 27 May 2016 12:16 AM IST
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नगर के ओलियर घाट पर स्थित जर्जर भवन, जो नगर पालिका कार्यालय के समीप ही स्थित है।
- फोटो : mirzapur
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अब गिरा कि तब गिरा, जी हां प्राचीन शहर मिर्जापुर में वर्षों पुराने कई मकानों की यही हालत है। बारिश शुरु होने के पूर्व जर्जर भवनों का आकलन करने में नगरपालिका जुट गया है। इससे समय रहते मकान मालिकों को नोटिस भेज कर जर्जर भवनों को गिराया जा सके।
16 मकान मालिकोें को नोटिस जारी किया गया है। वहीं नगर में किराये के भवनों में रहने वाले किरायेदार जर्जर भवनों को जमींदोज करने में बाधक बन रहे हैं, जिससे जर्जर भवनों के ढहने का भय हमेशा सताता रहता है।
जिले में विगत कई दिनों से तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है। अंाधी और बारिश शुरु होते ही जर्जर भवनों के गिरने का भय बना रहता है। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर द्वारा जर्जर भवनों को गिराने के लिए उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिससे जर्जर भवनों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पालिका द्वारा प्रति वर्ष मकानों का आंकलन करके अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली जाती है। वहीं जर्जर भवनों को जमींदोज करने में किरायेदार बाधक बनते हैं। पालिका द्वारा वर्ष 2014-15 में 10 तथा वर्ष 2015-16 में 16 मकान मालिकोें को नोटिस जारी किया गया है।
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वर्ष 2015-16 में खजांची चौराहा में तीन, चेतगंज में दो, त्रिमोहानी जंगीघाट में एक, वासलीगंज शेर खां की गली में एक, इमली महादेव में एक, रानीबाग में एक, मकरीखोह में एक, गनेशगंज में एक, घंटाघर में एक जर्जर मकान को चिन्हित किया गया है। साथ ही बारिश शुरु होने के पूर्व ही वर्ष 2016-17 में मकान मालिकों का सर्वे शुरु हो गया है।
नगर के निवासी डा. अंसार अहमद ने कहा कि जर्जर भवनों की मरम्मत के प्रति मकान मालिक चिंतित नहीं हैं, जिससे आवागमन के समय राहगीरों को परेशानी होती है। वहीं रामेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि नगर में जर्जर भवनों को गिराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुलायम यादव ने कहा कि जर्जर भवनों के कारण आसपास के भवनों में रहने वाले लोगों को खतरा बना रहता है। घनश्याम गुप्ता ने कहा कि कई भवनों की हालत काफी खराब है, मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके हैं।
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16 मकान मालिकोें को नोटिस जारी किया गया है। वहीं नगर में किराये के भवनों में रहने वाले किरायेदार जर्जर भवनों को जमींदोज करने में बाधक बन रहे हैं, जिससे जर्जर भवनों के ढहने का भय हमेशा सताता रहता है।
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जिले में विगत कई दिनों से तेज आंधी के साथ बारिश हो रही है। अंाधी और बारिश शुरु होते ही जर्जर भवनों के गिरने का भय बना रहता है। नगर पालिका परिषद मिर्जापुर द्वारा जर्जर भवनों को गिराने के लिए उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिससे जर्जर भवनों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पालिका द्वारा प्रति वर्ष मकानों का आंकलन करके अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली जाती है। वहीं जर्जर भवनों को जमींदोज करने में किरायेदार बाधक बनते हैं। पालिका द्वारा वर्ष 2014-15 में 10 तथा वर्ष 2015-16 में 16 मकान मालिकोें को नोटिस जारी किया गया है।
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वर्ष 2015-16 में खजांची चौराहा में तीन, चेतगंज में दो, त्रिमोहानी जंगीघाट में एक, वासलीगंज शेर खां की गली में एक, इमली महादेव में एक, रानीबाग में एक, मकरीखोह में एक, गनेशगंज में एक, घंटाघर में एक जर्जर मकान को चिन्हित किया गया है। साथ ही बारिश शुरु होने के पूर्व ही वर्ष 2016-17 में मकान मालिकों का सर्वे शुरु हो गया है।
नगर के निवासी डा. अंसार अहमद ने कहा कि जर्जर भवनों की मरम्मत के प्रति मकान मालिक चिंतित नहीं हैं, जिससे आवागमन के समय राहगीरों को परेशानी होती है। वहीं रामेश्वर त्रिपाठी ने कहा कि नगर में जर्जर भवनों को गिराने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। मुलायम यादव ने कहा कि जर्जर भवनों के कारण आसपास के भवनों में रहने वाले लोगों को खतरा बना रहता है। घनश्याम गुप्ता ने कहा कि कई भवनों की हालत काफी खराब है, मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके हैं।