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नौकरी से हटाने का अल्टीमेटम मिलने पर कर्मचरियों की पीएम से गुहार
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मिर्जापुर। ई-हास्पिटल परियोजना के तहत प्रदेश के 32 चिकित्सालयों में तैनात 400 से अधिक कर्मचारियों की 30 जून के बाद कार्यावधि समाप्त हो रही है। इसके लिए उन्हें अल्टीमेटम भी मिल गया है। कर्मचारियों ने बुधवार को पीएम नरेेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नौकरी समाप्त न करने की गुहार लगाई है। मंडलीय अस्पताल के कर्मचारियों ने भी पीएम और सीएम को ट्वीट कर नौकरी में बने रहने की गुहार लगाई है।
कर्मचारियों ने बताया कि ई-हास्पिटल प्रधानमंत्री की बहु आकांक्षी परियोजना है। इसमें कर्मचारी सीनियर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव, डेटा एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्य करते हुए मरीजों का पंजीकरण व ऐडमिशन का कार्य देखते है। सीनियर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव का काम आने वाले तकनीकी समस्याओं का समाधान करना है। दो वर्ष काम करने के बाद एनएचएम की तरफ से आदेश आया कि 30 जून के बाद सेवा समाप्त हो जाएगी। हम लोगों के स्थान पर हॉस्पिटल के स्टाफ नर्स या अन्य नर्स से कंप्यूटर से संबंधित काम लिया जाएगा। वहीं नर्सों का कहना है उनका भी कहना यही है की हम मरीजों की देखभाल करेंगे या पर्चे बनाएंगे। इस फैसले से कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। मांग किया कि युवाओं को बेरोजगार न कर एनएचएम के अंतर्गत समाहित करने का कार्य करे या ऐसी नीति की किसी भी आउटसोर्सिंग कंपनी कर्मचारी को कार्य से निष्कासित ना किया जाए। ज्ञापन देने वालों में अंकित सिंह, देवेन्द्र चंद पांडेय, राजेश बिंद, राहुल कुमार, दीपिका राय, अमित मिश्रा, सौम्या शर्मा, रितेश केसरवानी, सुधा रानी आदि रही।
कर्मचारियों ने बताया कि ई-हास्पिटल प्रधानमंत्री की बहु आकांक्षी परियोजना है। इसमें कर्मचारी सीनियर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव, डेटा एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्य करते हुए मरीजों का पंजीकरण व ऐडमिशन का कार्य देखते है। सीनियर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव का काम आने वाले तकनीकी समस्याओं का समाधान करना है। दो वर्ष काम करने के बाद एनएचएम की तरफ से आदेश आया कि 30 जून के बाद सेवा समाप्त हो जाएगी। हम लोगों के स्थान पर हॉस्पिटल के स्टाफ नर्स या अन्य नर्स से कंप्यूटर से संबंधित काम लिया जाएगा। वहीं नर्सों का कहना है उनका भी कहना यही है की हम मरीजों की देखभाल करेंगे या पर्चे बनाएंगे। इस फैसले से कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। मांग किया कि युवाओं को बेरोजगार न कर एनएचएम के अंतर्गत समाहित करने का कार्य करे या ऐसी नीति की किसी भी आउटसोर्सिंग कंपनी कर्मचारी को कार्य से निष्कासित ना किया जाए। ज्ञापन देने वालों में अंकित सिंह, देवेन्द्र चंद पांडेय, राजेश बिंद, राहुल कुमार, दीपिका राय, अमित मिश्रा, सौम्या शर्मा, रितेश केसरवानी, सुधा रानी आदि रही।
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