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अध्यापकों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं

Mon, 14 Aug 2017 12:12 AM IST
Updated Mon, 14 Aug 2017 12:12 AM IST
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अध्यापकों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं
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मिर्जापुर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों की बैठक रविवार को आवास विकास कॉलोनी में हुई। इसमें 22 और 23 अगस्त को धरना देने का फैसला लिया गया। इसको सफल बनाने की रणनीति बनाई गई। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों की अनदेखी कर रही है और जिला प्रशासन भी शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहा है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय समय के बाद चहारदीवारी और चौकीदार विहीन परिसर में किसी गतिविधि की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक और शिक्षकों की कैसे हो सकती है। इसके बावजूद जमालपुर में शिक्षकों को निलंबित करना अन्यायपूर्ण है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि सभी परिषदीय विद्यालयों में चौकीदार की तैनाती किया जाए साथ ही स्कूलों में प्रधानों के हस्तक्षेप को समाप्त किया जाए। मंत्री विजय शंकर तिवारी ने कहा कि पिछले सत्र के यूनिफार्म का 25 प्रतिशत धन अभी तक विद्यालय के खातों में नहीं भेजा गया है। इस पर कड़ा निर्णय लेने के संबंध में भी विचार होगा। शान मोहम्मद ने कहा कि जमालपुर विकास खंड में हुई कार्रवाई को वापस लेने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से वार्ता किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 14 अगस्त को अपराह्न डेढ़ बजे से बरियाघाट स्थित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में बैठक होगा। इसमें सभी शिक्षक प्रतिभाग करें, जिससे 22 और 23 अगस्त को होने वाले धरना प्रदर्शन को सफल बनाने की तैयारी पर चर्चा हो सके। अशोक कुमार सिंह, उमाकांत मिश्रा, अशोक कुमार, राजेंद्र दूबे, विकास, सर्वेश मौर्य आदि मौजूद रहे।
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