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विवाहिता की हत्या में तीन को उम्रकैद
Updated Fri, 04 Aug 2017 12:22 AM IST
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मिर्जापुर। विवाहिता की हत्या के मामले में एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट आलोक पांडेय ने पति, सास और जेठानी को आजीवन कारावास और 30-30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। विवाहिता की सात नवंबर 2010 को हत्या की गई थी।
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट आलोक पांडेय ने विवाहिता की हत्या के जुर्म में पति, सास और जेठानी को दोष सिद्ध पाये जाने पर प्रत्येक को आजीवन कारावास की सजा के साथ 30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया। अभियोजन के अनुसार पड़री थाना क्षेत्र के रानी चौकिया बंगला निवासी उन्नुर बिंद ने अपनी नतिनी ममता की शादी 28 अप्रैल 2008 को कोतवाली क्षेत्र देहात के गोपालपुर निवासी मटरु उर्फ राजेन्द्र बिंद के साथ किया था। दहेज में बाइक की मांग को लेकर पति के साथ ही सास फूलमति, जेठानी शीला देवी मोटरसाइकल की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे। जिसकी सूचना विवाहिता अपने नाना को बताती थी। सात नवंबर 2010 को ममता की हत्या कर दी गई। सूचना मिलने पर नाना उन्नुर बिंद नतिनी की ससुराल पहुंचे और वह मृत मिली और उसके मुंह पर चोट के निशान थे। उन्नुर बिंद ने घटना की सूचना थाना कोतवाली देहात में देते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेन्द्र कुमार शुक्ल एवं इस्लाम अहमद ने कुल सात गवाह परीक्षित कराये। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने पति, सास और जेठानी को धारा 302- 34 भादिवी में दोष सिद्ध पाया।
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न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट आलोक पांडेय ने विवाहिता की हत्या के जुर्म में पति, सास और जेठानी को दोष सिद्ध पाये जाने पर प्रत्येक को आजीवन कारावास की सजा के साथ 30 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित कर जेल भेज दिया। अभियोजन के अनुसार पड़री थाना क्षेत्र के रानी चौकिया बंगला निवासी उन्नुर बिंद ने अपनी नतिनी ममता की शादी 28 अप्रैल 2008 को कोतवाली क्षेत्र देहात के गोपालपुर निवासी मटरु उर्फ राजेन्द्र बिंद के साथ किया था। दहेज में बाइक की मांग को लेकर पति के साथ ही सास फूलमति, जेठानी शीला देवी मोटरसाइकल की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करते थे। जिसकी सूचना विवाहिता अपने नाना को बताती थी। सात नवंबर 2010 को ममता की हत्या कर दी गई। सूचना मिलने पर नाना उन्नुर बिंद नतिनी की ससुराल पहुंचे और वह मृत मिली और उसके मुंह पर चोट के निशान थे। उन्नुर बिंद ने घटना की सूचना थाना कोतवाली देहात में देते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। अभियोजन की तरफ से वरिष्ठ शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेन्द्र कुमार शुक्ल एवं इस्लाम अहमद ने कुल सात गवाह परीक्षित कराये। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय ने पति, सास और जेठानी को धारा 302- 34 भादिवी में दोष सिद्ध पाया।
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