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घाटों पर फैले सिल्ट, टूटे टीन शेड व गंदगी चिढ़ा रही मुंह

Tue, 25 Sep 2018 12:40 AM IST
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:40 AM IST
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घाटों पर फैले सिल्ट, टूटे टीन शेड व गंदगी चिढ़ा रही मुंह
विंध्याचल। विंध्य धाम में शारदीय नवरात्र मेला 10 अक्तूबर से शुरू होगा लेकिन अभी मेले की तैयारियां शुरू नहीं की जा सकी हैं। गंगा घाटों पर सिल्ट और कीचड़ फैला है। विंध्य धाम की सड़कों पर कई स्थानों पर गड्ढे बन गए हैं। धाम में लगे प्लास्टिक के शेड क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके अलावा जगह-जगह कूड़े का ढेर लगा हुआ है। अगर समय से व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो नवरात्र में देश भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
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बीते 13 सितंबर को जिलाधिकारी अनुराग पटेल एवं पुलिस अधीक्षक शालिनी ने कलेक्ट्रेट सभागर में बैठक कर 15 दिन के अंदर मेले की सभी तैयारी पूर्ण करने का निर्देश दिया था लेकिन अभी तक तैयारी गति नहीं पकड़ पा रही है। जबकि 10 अक्तूबर से शारदीय नवरात्र मेला शुरू हो रहा है, लेकिन तैयारी के नाम पर संबंधित विभागों के अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। वर्तमान समय विंध्य धाम क्षेत्र में व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त दिख रही है। विंध्याचल के गंगा घाटों पर जिला प्रशासन की तरफ से 150 अस्थाई शौचालय और महिलाओं को वस्त्र बदलने के लिए 30 काटेज बनवाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन घाटों पर फैले सिल्ट व कीचड़ को भी हटवाने का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। विंध्याचल की गलियों व सड़क किनारे खुली नालियों के चलते संक्रामक बीमारी बढ़ने का खतरा बना हुआ है, बावजूद इसके महकमा बेपरवाह बना है। लोक निर्माण विभाग को ध्वस्त सड़कों के निर्माण व मरम्मत का जिम्मा सौंपा गया है, लेकिन मिर्जापुर नगर से विंध्याचल जाने वाले मार्ग सहित देवीधाम तक पहुंचने वाले अधिकांश सड़कों की दशा अत्यंत दयनीय हो चुकी हैं, जिसे दुरूस्त नहीं कराया जा रहा है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे और गड्ढों में भरे पानी के चलते रोजाना दुर्घटनाएं हो रही हैं। विंध्याचल मंदिर सहित पहाड़ पर विराजमान मां अष्टभुजा देवी और कालीखोह स्थित महाकाली मंदिर में रंगाई-पुताई व साफ-सफाई का भी कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। न्यू वीआईपी और पुरानी वीआईपी मार्ग पर लगे प्लास्टिक के शेड जगह-जगह से ध्वस्त हो चुके हैं, जिनको बदलवाने की कवायद नहीं की जा रही है। टूटे प्लास्टिक के शेड के चलते बारिश होने पर दर्शनार्थी भीगते हुए देवी धाम में मां के दर्शन करने को जाते हैं।
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