{"_id":"5b0859334f1c1b9e6e8b48e9","slug":"141527273779-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बड़े वाहन मालिकों पर नहीं डाला जा रहा है हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बड़े वाहन मालिकों पर नहीं डाला जा रहा है हाथ
Updated Sat, 26 May 2018 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। परिवहन, पुलिस और खजिन विभाग चाहे तो ओवरलोड वाहनों के संचलन पर फौरी तौर पर रोक लग जाए लेकिन जांच टीम रसूखदार वाहन मालिकों पर कार्रवाई नहीं करती है। अभियान चलता भी है तो इक्के-दुक्के ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी जाती है।
शासन ने ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया है। इसके तहत अधिकारी ओवरलोड वाहनों के विरुद्घ कार्रवाई करने के लिए निकल रहे हैं लेकिन केवल नाम मात्र की कार्रवाई की जा रही है। जिले में दाखिल होने वाले प्रतिदिन लगभग एक हजार के हिसाब से ट्रकों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारी खानापूर्ति करते हुए अधिक से अधिक कभी दस कभी 20 तो कभी 30 ट्रकों को पकड़कर सीज कर रहे हैं जो सड़कों पर दौड़ने वाले ट्रकों का तीन प्रतिशत हिस्सा है। बाकी ट्रक ओवरलोड होने के बावजूद बड़े ही आराम से जनपद का बार्डर पार कर जा रहे हैं। इसके पीछे मोटी कमाई का खेल बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जितनी कड़ाई हो रही है उतना ही ओवरलोड वाहनों को पास देने की फीस बढ़ रही है। कुछ ट्रक मालिकों की माने तो चेकिंग टीम केवल उन्हीं वाहनों पर कार्रवाई कर रही है जिन मोटर मालिकों के पास इक्का दुक्का ट्रक है। उनपर हाथ नहीं डाला जा रहा है जिनके पास दस से अधिक वाहन है। उनको बाकायदा इंट्री दिया जा रहा है। इससे वह ओवरलोड होने के बावजूद अपने ट्रक को लेकर निकल जा रहे हैं।
ओवरलोड वाहनों को पास कराने के लिए सुनियोजित तरीके से नेटवर्क चलाया जा रहा है। जिले में दाखिल होते ही ओवरलोड वाहनों की सूचना संबंधित कर्मचारी को दे दी जाती है। उसको बाकायदा सभी ट्रकों के नंबर बताए जाते हैं। जिनको किसी सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया जाता है। रात 11 से चार बजे भोर के अंदर सभी वाहनों को पास कराने की कार्रवाई की जा रही है। इंट्री लेने वाले व पास करने वाले सभी प्राइवेट लोगों को रखा गया है।
विज्ञापन
खनिज अधिकारी आरबी सिंह ने कहा कि ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार ऐसे वाहनों को पकड़कर कार्रवाई की जा रही है। अगले कुछ दिनों में ओवरलोड वाहन जिले में नहीं दिखेंगे।
विज्ञापन
शासन ने ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से अंकुश लगाने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया है। इसके तहत अधिकारी ओवरलोड वाहनों के विरुद्घ कार्रवाई करने के लिए निकल रहे हैं लेकिन केवल नाम मात्र की कार्रवाई की जा रही है। जिले में दाखिल होने वाले प्रतिदिन लगभग एक हजार के हिसाब से ट्रकों पर कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारी खानापूर्ति करते हुए अधिक से अधिक कभी दस कभी 20 तो कभी 30 ट्रकों को पकड़कर सीज कर रहे हैं जो सड़कों पर दौड़ने वाले ट्रकों का तीन प्रतिशत हिस्सा है। बाकी ट्रक ओवरलोड होने के बावजूद बड़े ही आराम से जनपद का बार्डर पार कर जा रहे हैं। इसके पीछे मोटी कमाई का खेल बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जितनी कड़ाई हो रही है उतना ही ओवरलोड वाहनों को पास देने की फीस बढ़ रही है। कुछ ट्रक मालिकों की माने तो चेकिंग टीम केवल उन्हीं वाहनों पर कार्रवाई कर रही है जिन मोटर मालिकों के पास इक्का दुक्का ट्रक है। उनपर हाथ नहीं डाला जा रहा है जिनके पास दस से अधिक वाहन है। उनको बाकायदा इंट्री दिया जा रहा है। इससे वह ओवरलोड होने के बावजूद अपने ट्रक को लेकर निकल जा रहे हैं।
विज्ञापन
ओवरलोड वाहनों को पास कराने के लिए सुनियोजित तरीके से नेटवर्क चलाया जा रहा है। जिले में दाखिल होते ही ओवरलोड वाहनों की सूचना संबंधित कर्मचारी को दे दी जाती है। उसको बाकायदा सभी ट्रकों के नंबर बताए जाते हैं। जिनको किसी सुरक्षित स्थान पर खड़ा कराया जाता है। रात 11 से चार बजे भोर के अंदर सभी वाहनों को पास कराने की कार्रवाई की जा रही है। इंट्री लेने वाले व पास करने वाले सभी प्राइवेट लोगों को रखा गया है।
विज्ञापन
खनिज अधिकारी आरबी सिंह ने कहा कि ओवरलोड वाहनों पर पूरी तरह से लगाम लगाने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार ऐसे वाहनों को पकड़कर कार्रवाई की जा रही है। अगले कुछ दिनों में ओवरलोड वाहन जिले में नहीं दिखेंगे।