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दस दिवसीय मेले के अंतिम दिन उमड़े शिवभक्त
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:01 AM IST
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हलिया। कोरावल क्षेत्र के शिव मंदिर परिसर में पौष त्रयोदशी से लगने वाले दस दिवसीय मेले का रविवार को समापन हो गया। इस मेले में आसपास के ग्रामीणों के अलावा यूपी व एमपी से भी भक्तों ने आकर भगवान शिव का दर्शन पूजन किया। मेले में आने वाले लोगों ने आध्यात्मिक पूण्य प्राप्त करने के साथ साथ बाटी चोखा का भी जमकर आनंद लिया।
हलिया विकास खंड के बेलाही गांव में शिव मंदिर परिसर में प्राचीन काल से मेला लग रहा है। पौष त्रयोदशी से आरंभ होने वाले इस मेले में प्रतिदिन भक्तो की भीड़ से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मतवार निवासी रमेश शुक्ल ने बताया कि वर्षो पहले किसी आध्यात्मिक मान्यता को लेकर रैया बांध जंगल के पास भगवान शिव का मंदिर बनावाया गया था। उस दौरान पौष मास के त्रयोदसी को शोभायात्रा निकालकर मंदिर में भगवान शंकर के मूर्ति की स्थापना की गई थी। तब से हर वर्ष यहां दस दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में मध्यप्रदेश के बगदरा, रेही, कुलकवार, खम्हार डीह, खम्हरिया, नेवारी, कोलडीहा, नैकहवा, बकिया, बरगवां, छतैनी, तथा उत्तरप्रदेश के मतवार, बेलाही, कुसियरा, नौडिहा, नदना, परसिया, हलिया, हर्रा, खम्भवा, मटिहरा, आदी गावों के लोग इकट्ठा होते हैं। मेले में प्रति दिन हजारों की संख्या में श्रद्घालुओं की भीड़ जुटती है। मेले में सुरक्षा का मुकम्मल इंतजाम नहीं हो पाता है। चूंकि मेला स्थल से हलिया थाने की दूरी करीब 35 किलोमीटर के लगभग है। इसलिए मेले की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो पाता है। मेला क्षेत्र हलिया थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित मतवार पुलिस चौकी में पड़ता है। लेकिन दो वर्ष से अष्टकोणीय भवन बनने के बावजूद मतवार पुलिस चौकी की फोर्स थाने पर ही रहकर कार्य कर रही है। दस दिवसीय मेले की सुरक्षा के लिए चौकी प्रभारी मतवार रामजी यादव के नेतृत्व में कुछ पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
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हलिया विकास खंड के बेलाही गांव में शिव मंदिर परिसर में प्राचीन काल से मेला लग रहा है। पौष त्रयोदशी से आरंभ होने वाले इस मेले में प्रतिदिन भक्तो की भीड़ से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मतवार निवासी रमेश शुक्ल ने बताया कि वर्षो पहले किसी आध्यात्मिक मान्यता को लेकर रैया बांध जंगल के पास भगवान शिव का मंदिर बनावाया गया था। उस दौरान पौष मास के त्रयोदसी को शोभायात्रा निकालकर मंदिर में भगवान शंकर के मूर्ति की स्थापना की गई थी। तब से हर वर्ष यहां दस दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में मध्यप्रदेश के बगदरा, रेही, कुलकवार, खम्हार डीह, खम्हरिया, नेवारी, कोलडीहा, नैकहवा, बकिया, बरगवां, छतैनी, तथा उत्तरप्रदेश के मतवार, बेलाही, कुसियरा, नौडिहा, नदना, परसिया, हलिया, हर्रा, खम्भवा, मटिहरा, आदी गावों के लोग इकट्ठा होते हैं। मेले में प्रति दिन हजारों की संख्या में श्रद्घालुओं की भीड़ जुटती है। मेले में सुरक्षा का मुकम्मल इंतजाम नहीं हो पाता है। चूंकि मेला स्थल से हलिया थाने की दूरी करीब 35 किलोमीटर के लगभग है। इसलिए मेले की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं हो पाता है। मेला क्षेत्र हलिया थाना क्षेत्र के नक्सल प्रभावित मतवार पुलिस चौकी में पड़ता है। लेकिन दो वर्ष से अष्टकोणीय भवन बनने के बावजूद मतवार पुलिस चौकी की फोर्स थाने पर ही रहकर कार्य कर रही है। दस दिवसीय मेले की सुरक्षा के लिए चौकी प्रभारी मतवार रामजी यादव के नेतृत्व में कुछ पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
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