{"_id":"5b82fcf742c7924670023730","slug":"131535311095-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाई की कलाई पर बहना ने बांधी नेह की डोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाई की कलाई पर बहना ने बांधी नेह की डोर
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम का त्योहार रक्षाबंधन रविवार को बड़े उल्लास पूर्ण वातावरण में मनाया गया। सुबह से ही बाजारों में चहल-पहल बनी रही। शुभ मुहूर्त के अनुसार रविवार के दिन दोपहर एक बजकर 12 मिनट से दोपहर तीन बजकर 49 मिनट के बीच में बहनों ने भाइयों की कलाई में राखी बांधी। भाइयों के माथे पर चंदन व अक्षत का टीका लगाया और कलाई पर राखी बांधकर दीर्घायु की कामना की। बहनों का भाइयों के घर और भाइयों का बहनों के घर आने का क्रम अनवरत चलता रहा।
श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर जनपद में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। सुबह से ही बहनें तैयार होकर अपने भाइयों के घर राखी बांधने पहुंची थीं, वहीं भाई भी अपनी बहनों के यहां राखी बंधवाने पहुंचे हुए थे। शुभ मुहूर्त के कारण राखी बंधवाने का क्रम आरंभ हुआ जो शाम चार बजे तक अनवरत चलता रहा। पर्व पर बहनों ने पूजन की थाली में चंदन, टीका, राखी और मिठाई सजाई। बहनों ने भाइयों के माथे पर चंदन और अक्षत का तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी और फिर दाहिनी कलाई में प्रीत की डोर बांध कर उनके दीर्घायु होने की ईश्वर से कामना की। बहनों ने भाइयों को मनपसंद मिठाई खिलाकर अपनी रक्षा का संकल्प लिया। बहनों से राखी बंधवाने के उपरांत भाइयों ने बहनों को अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार भेंट करके उनकी रक्षा का भरोसा दिया। पर्व पर नगर के बाजार गुलजार नजर आए। छोटे बच्चों में रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। नन्हीं बहनें तो सुबह से ही नए-नए परिधान पहनकर राखी बांधने को उतावली दिखाई दे रही थीं। बड़ों द्वारा समझाने पर उन्होंने समय का इंतजार किया और फिर भाइयों की कलाइयों में राखी बांधी। त्योहार पर घरों में तरह-तरह के लजीज व्यंजन भी बनाए गए थे, वहीं नगर के बाजारों में खासी चहल-पहल देखने को मिली। राखी सहित मिठाइयों की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन
श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि पर जनपद में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया गया। सुबह से ही बहनें तैयार होकर अपने भाइयों के घर राखी बांधने पहुंची थीं, वहीं भाई भी अपनी बहनों के यहां राखी बंधवाने पहुंचे हुए थे। शुभ मुहूर्त के कारण राखी बंधवाने का क्रम आरंभ हुआ जो शाम चार बजे तक अनवरत चलता रहा। पर्व पर बहनों ने पूजन की थाली में चंदन, टीका, राखी और मिठाई सजाई। बहनों ने भाइयों के माथे पर चंदन और अक्षत का तिलक लगाकर उनकी आरती उतारी और फिर दाहिनी कलाई में प्रीत की डोर बांध कर उनके दीर्घायु होने की ईश्वर से कामना की। बहनों ने भाइयों को मनपसंद मिठाई खिलाकर अपनी रक्षा का संकल्प लिया। बहनों से राखी बंधवाने के उपरांत भाइयों ने बहनों को अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार भेंट करके उनकी रक्षा का भरोसा दिया। पर्व पर नगर के बाजार गुलजार नजर आए। छोटे बच्चों में रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। नन्हीं बहनें तो सुबह से ही नए-नए परिधान पहनकर राखी बांधने को उतावली दिखाई दे रही थीं। बड़ों द्वारा समझाने पर उन्होंने समय का इंतजार किया और फिर भाइयों की कलाइयों में राखी बांधी। त्योहार पर घरों में तरह-तरह के लजीज व्यंजन भी बनाए गए थे, वहीं नगर के बाजारों में खासी चहल-पहल देखने को मिली। राखी सहित मिठाइयों की दुकानों पर सुबह से ही ग्राहकों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन