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नहरों का जाल फैला फिर भी पानी को तरस रहे खेत
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:53 PM IST
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पड़री। सिंचाई के लिए पहाड़ी ब्लॉक में नहरों का जाल फैला हुआ है, बावजूद इसके किसान खेतों की सिंचाई के लिए परेशान हैं। क्षेत्र के हिनौती, जमथुआ बंधी में पानी नही होने से किसानों के माथे पर अभी से सिकन आ गई है। निजी संसाधनों से युक्त किसान अपने फसलों की बुआई कर ले रहे हैं, लेकिन नहरों पर आश्रित किसान बोआई नही कर पा रहे हैं। फलस्वरूप सैकड़ों एकड़ जमीन परती पड़ गई है। चुनाव के पूर्व सांसद अनुप्रिया पटेल द्वारा क्षेत्र में भ्रमण के दौरान नहरों से टेल तक पानी पहुंचाने का वादा किया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विकास खंड पहाड़ी में स्थित हिनौती बांध में पानी कम होने व जमथुआ बंधी में पानी नही होने के कारण क्षेत्र के किसानों के समक्ष सिंचाई संकट गहरा गया है। इससे संबंधित एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान पानी के अभाव में रबी की बुआई नही कर पा रहे हैं। इतना ही नही बरसात नहीं होने से बरसात के सहारे की जाने वाली खेती भी दम तोड़ रही है। हिनौती बांध से निकली चांदलेवा व परसनपुर टेढ़ा नहरों की दशा अत्यंत दयनीय है। मरम्मत के अभाव में विगत पांच वर्षों से किसानों के खेतों तक पानी नही पहुंच पा रहा है। कमोबेश यही हाल जमथुआ बांध से निकली भरपुरा नहर का हैं। यहां का बियर लगभग कई वर्ष पूर्व टूट गया है, जिससे अपर खजुरी से पानी छोड़ने पर नहर में नही आकर अगल बगल नदी नालों में बह जा रहा है, कहने को तो क्षेत्र में सबसे बड़ा ढेकवा बांध है। बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद भी नहरों के साफ सफाई व मरम्मत के अभाव में टेल पर बसे खेतों तक पानी नही पहुंच पा रहा है। जिससे किसान काफी चिंतित हैं। जिन किसानों के पास निजी संसाधन हैं वो तो किसी तरह रबी फसल आदि को बोआई कर ले रहे हैं, लेकिन जिनके पास संसाधन नही हैं, वे किसान अपने खेतों की बोआई नही कर पा रहे हैं। किसान शशि प्रकाश सिंह, राकेश सिंह, बाल मुकुन्द सिंह, विजय बहादुर सिंह, गौरी सिंह, मेवालाल यादव, रामबली दुबे, सिद्घनाथ यादव, कल्लू उपाध्याय ने भविष्य में सिंचाई के लिए नहरों की सफाई व टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की है।
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विकास खंड पहाड़ी में स्थित हिनौती बांध में पानी कम होने व जमथुआ बंधी में पानी नही होने के कारण क्षेत्र के किसानों के समक्ष सिंचाई संकट गहरा गया है। इससे संबंधित एक दर्जन से अधिक गांवों के किसान पानी के अभाव में रबी की बुआई नही कर पा रहे हैं। इतना ही नही बरसात नहीं होने से बरसात के सहारे की जाने वाली खेती भी दम तोड़ रही है। हिनौती बांध से निकली चांदलेवा व परसनपुर टेढ़ा नहरों की दशा अत्यंत दयनीय है। मरम्मत के अभाव में विगत पांच वर्षों से किसानों के खेतों तक पानी नही पहुंच पा रहा है। कमोबेश यही हाल जमथुआ बांध से निकली भरपुरा नहर का हैं। यहां का बियर लगभग कई वर्ष पूर्व टूट गया है, जिससे अपर खजुरी से पानी छोड़ने पर नहर में नही आकर अगल बगल नदी नालों में बह जा रहा है, कहने को तो क्षेत्र में सबसे बड़ा ढेकवा बांध है। बांध में पर्याप्त पानी होने के बावजूद भी नहरों के साफ सफाई व मरम्मत के अभाव में टेल पर बसे खेतों तक पानी नही पहुंच पा रहा है। जिससे किसान काफी चिंतित हैं। जिन किसानों के पास निजी संसाधन हैं वो तो किसी तरह रबी फसल आदि को बोआई कर ले रहे हैं, लेकिन जिनके पास संसाधन नही हैं, वे किसान अपने खेतों की बोआई नही कर पा रहे हैं। किसान शशि प्रकाश सिंह, राकेश सिंह, बाल मुकुन्द सिंह, विजय बहादुर सिंह, गौरी सिंह, मेवालाल यादव, रामबली दुबे, सिद्घनाथ यादव, कल्लू उपाध्याय ने भविष्य में सिंचाई के लिए नहरों की सफाई व टेल तक पानी पहुंचाने की मांग की है।
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