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Mirzapur News: 517 नलकूप पर 120 ऑपरेटर, 320 रामभरोसे

Fri, 29 May 2026 01:03 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 29 May 2026 01:03 AM IST
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120 operators on 517 tube wells, 320 at the mercy of God
जिले में 517 नलकूप हैं। चलाने के लिए 120 ऑपरेटर तैनात हैं। एक ऑपरेटर के जिम्मे पांच से आठ गांवों की जिम्मेदारी है। 320 नलकूप रामभरोसे है। ज्यादातर स्थानों पर ऑपरेटर चाबी गांव के किसी व्यक्ति को सौंपकर खुद माैज करते हैं। सिंचाई से पहले किसानों को चाबी और कट आउट ढूंढ़ना पड़ता है। कट आउट न मिलने पर किसान सीधे तार जोड़कर मोटर चला देते हैं। इससे अक्सर नलकूप में गड़बड़ी आ जाती है। विभाग का दावा है कि 5 स्थानों पर नलकूप खराब है। हकीकत में 25 स्थानों पर नलकूप बंद है।
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सिटी में 57, कोन में 83, पहाड़ी में 43, छानबे में 86, मझवां में 122, नरायनपुर में 81, राजगढ़ में 2, सीखड़ में 40 व जमालपुर में 3 राजकीय नलकूप हैं। सिटी ब्लाॅक क्षेत्र के अनंतरामपट्टी, खजुरी, महेवा में नलकूपों में सबसे ज्यादा स्थित खजुरी स्थित नलकूप संख्या 352 की है। गांव के रसूखदार लोगों की सिंचाई भले ही हो जा रही लेकिन अन्य किसानों को पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। किसानों का कहना है कि समुचित ढंग से नलकूप का सुपरविजन न होने से पानी की टंकी जर्जर हो गई है। विकासखंड पहाड़ी में पैडापुर, धर्मदेवा, पुतरिहां,कपासौर, देवाही, नान्हूपुर, भगेसर,अकसौली, माधोपुर,रानी चौकिया, भूसरौल, रामनगर, सीकरी, बेदौली, बेदौली, तिवारी पट्टी, धर्मदास पट्टी, मलईकेपूरा में नलकूप खराब है। किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष संजय कुमार दुबे ने बताया कि 1986 में तत्कालीन सिंचाई मंत्री लोकपति त्रिपाठी ने ग्रामीणों की मांग पर नलकूप स्थापित कराए थे। उस समय क्षेत्र में हजारों टन धान तथा गेहूं की पैदावार होती थी। कहा कि कहीं नलकूप की बोरिंग, कहीं पाइपलाइन तो कहीं मशीन में तकनीकी खराबी के चलते दो तिहाई नलकूप बंद है। किसान भगवान भरोसे खेती करने के लिए विवश है। क्षेत्र के किसान जगदीश प्रसाद दुबे, रमाशंकर सिंह, सत्यनारायण सरोज, रामदास गुप्ता का आरोप है कि ऑपरेटर नलकूप चलाने नहीं आते हैं। वे ड्यूटी पर आने के बजाय अपने किसी परिचित या चहेते को नलकूप की चाबी सौंप देते हैं। वह अपनी मनमर्जी के अनुसार नलकूप चलाता है। इसके चलते रसूखदार लोगों को तो पानी मिल जाता है लेकिन आम किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो पा रहा है। सिटी ब्लाॅक क्षेत्र के खजुरी में नलकूप संख्या 352 का कट आउट गायब है। किसान सीधे तार जोड़कर मनमाने ढंग से नलकूप चला रहे हैं। इससे मोटर जलने का खतरा बना रहता है। नलकूप रूम में ताला तक नहीं है। स्टार्टर भी गायब है। किसानों के मुताबिक ताला बंद होने पर चाबी ढूढ़ना पड़ता है इसलिए ग्रामीणों ने ताला तोड़कर फेंक दिया है। खरीफ सीजन शुरु होने से पहले नलकूप विभाग की तरफ से खजुरी, अनंनरामपट्टी, महेवा में नलकूपों से निकली पाइप लाइन व आउटलेट आदि की मरम्मत कराई जा रही है। नलकूप संख्या 352 के बगल में बना आउटलेट घटिया निर्माण होने के चलते चंद दिन बाद ही क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी दीवार में दरार आ गई हैं। किसानों का कहना है कि आउटलेट क्षतिग्रस्त होने से सारा पानी नलकूप के इर्द-गिर्द ही सिमट कर रह जाता जाएगा। रमेश कुमार, अनंतरामपट्टी ने कहा कि एक ऑपरेटर के जिम्मे कई-कई ट्यूबवेल है। ऐसे में जहां ऑपरेटरों को परेशानी हो रही है वहीं नलकूप का संचालन भी प्रभावित होना स्वाभाविक है। कम से कम एक नलकूप एक ऑपरेटर तैनात होना चाहिए।
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बलवंत कुमार अधिशासी अभियंता नलकूप खंड ने कहा कि शासन स्तर से जिले में ऑपरेटरों को भर्ती नहीं की जा ही है। जहां तक क्षतिग्रस्त आउटलेट अथवा चाबी किसी बाहरी व्यक्ति को देने और मनमर्जी से नलकूप संचालन की शिकायत है तो उसकी जांच कराई जाएगी। गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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