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नयनवा ई आंसू ढारै मितवा...
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:29 PM IST
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शेरवां। स्थानीय पहाड पर स्थित रामसागर पोखरा पर बुधवार की शाम से देर रात तक कजली महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में दूर दराज के भी गायकों ने शिरकत किया तथा कजरी का गायन किया । अवधेश कुमार ने कजरी गीतों के माध्यम से सबका मन मोह लिया। रहि रहि दागै बदरवा दूनाली पिया घेरै घटा काली पिया ना सुनाया।
मिर्जापुर के पट्टर गुरू ने ई बरखा बहार कै महीनवा कहां बितवला बता द सजना सुनाया रामजन्म भारती ने आई फिर बरखा रितु आई ना सुनाया । पवन कुमार ने नयनवा ई आंसू ढारै मितवा तो सानिया मंसूर ने कजरवा कै धार रोई सजना सुना कर कजरी गीतों को धार दी। इसके अलावा मनोज अविनाश, सुजीत, राजेश मौर्य ने कजरी गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान कार्यक्रम में दल्लू सिंह, राजनाथ सिंह , मल्लू सिंह, डा निरंजन कुमार श्रीवास्तव, आलोक कुमार,दीपू सिंह, राजू सिंह साहिल मिर्जापुरी, सुनील सिंह, संजय मौर्य, सुरेश समेत सैकड़ों श्रोताओं ने कजली महोत्सव में उपस्थित होकर कजरी गीतों का आनन्द लिया। मंच संचालन प्रकाश मिर्जापुरी ने किया।
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मिर्जापुर के पट्टर गुरू ने ई बरखा बहार कै महीनवा कहां बितवला बता द सजना सुनाया रामजन्म भारती ने आई फिर बरखा रितु आई ना सुनाया । पवन कुमार ने नयनवा ई आंसू ढारै मितवा तो सानिया मंसूर ने कजरवा कै धार रोई सजना सुना कर कजरी गीतों को धार दी। इसके अलावा मनोज अविनाश, सुजीत, राजेश मौर्य ने कजरी गीत प्रस्तुत किया। इस दौरान कार्यक्रम में दल्लू सिंह, राजनाथ सिंह , मल्लू सिंह, डा निरंजन कुमार श्रीवास्तव, आलोक कुमार,दीपू सिंह, राजू सिंह साहिल मिर्जापुरी, सुनील सिंह, संजय मौर्य, सुरेश समेत सैकड़ों श्रोताओं ने कजली महोत्सव में उपस्थित होकर कजरी गीतों का आनन्द लिया। मंच संचालन प्रकाश मिर्जापुरी ने किया।
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