{"_id":"5b2e893a4f1c1b624d8b7c8a","slug":"11529776442-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिजिटल किताबों से पढ़ेंगे अब प्राइमरी के बच्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिजिटल किताबों से पढ़ेंगे अब प्राइमरी के बच्चे
Updated Sat, 23 Jun 2018 11:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिर्जापुर। अब समय से किताबें उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी और न ही बच्चों को कंधे पर पुस्तकों का बोझ ढोना पड़ेगा। इन दो समस्याओं से निजात के लिए डिजिटल पाठ्यक्रम बनाया जा रहा है। आने वाले शैक्षणिक सत्र में जिले के कुछ प्राथमिक विद्यालयों में डिजिटल पाठ्यक्रम शुरू हो जाएंगे।
प्रदेश सरकार प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराती हैं। प्रत्येक वर्ष प्रकाशन में विलंब के चलते बच्चों को समय से किताबें नहीं मिल पाती हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी और बीएसए प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में डिजिटल पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सीबीएसई और परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने के लिए कक्षा एक से कक्षा आठ तक की सभी पुस्तकें डिजिटल की जा रही हैं। इस कार्य में 22 लोगों की टीम जुटी हुई है। जल्द ही परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को डिजिटल किताबों के सहारे पढ़ाया जाएगा। जिले के 22 सौ प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले ढाई लाख बच्चों को डिजिटल पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा। पाठ्यक्रम का यूट्यूब बनाया जा रहा है। पूरे डिजिटल पाठ्यक्रम को पेन ड्राइव में रखा जाएगा जिसके जरिये स्क्रीन के सहारे बच्चों को पढ़ाया जाएगा। आने वाले सत्र से जिले के कुछ स्कूलों में प्रयोग के तौर पर डिजिटल पाठ्यक्रम के जरिये पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
बीएसए प्रवीण तिवारीे ने बताया कि सीबीएसई और परिषदीय विद्यालयों के पाठ्यक्रम को डिजिटल किया जा रहा है। जिले के पटेहरा प्राइमरी स्कूल से जुलाई से स्मार्ट क्लास की शुरुआत कर दी जाएगी। उम्मीद है कि इस सत्र से आधे स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश सरकार प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों को निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराती हैं। प्रत्येक वर्ष प्रकाशन में विलंब के चलते बच्चों को समय से किताबें नहीं मिल पाती हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित होती है। इस समस्या को दूर करने के लिए पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी और बीएसए प्रवीण तिवारी के नेतृत्व में डिजिटल पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है। सीबीएसई और परिषदीय स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं शुरू करने के लिए कक्षा एक से कक्षा आठ तक की सभी पुस्तकें डिजिटल की जा रही हैं। इस कार्य में 22 लोगों की टीम जुटी हुई है। जल्द ही परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को डिजिटल किताबों के सहारे पढ़ाया जाएगा। जिले के 22 सौ प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले ढाई लाख बच्चों को डिजिटल पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा। पाठ्यक्रम का यूट्यूब बनाया जा रहा है। पूरे डिजिटल पाठ्यक्रम को पेन ड्राइव में रखा जाएगा जिसके जरिये स्क्रीन के सहारे बच्चों को पढ़ाया जाएगा। आने वाले सत्र से जिले के कुछ स्कूलों में प्रयोग के तौर पर डिजिटल पाठ्यक्रम के जरिये पढ़ाई शुरू हो जाएगी।
विज्ञापन
बीएसए प्रवीण तिवारीे ने बताया कि सीबीएसई और परिषदीय विद्यालयों के पाठ्यक्रम को डिजिटल किया जा रहा है। जिले के पटेहरा प्राइमरी स्कूल से जुलाई से स्मार्ट क्लास की शुरुआत कर दी जाएगी। उम्मीद है कि इस सत्र से आधे स्कूलों में स्मार्ट क्लास शुरू कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन