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केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियां किसान विरोधी
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:44 AM IST
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पड़री। विकास खंड पहाड़ी के शिवलोक मंदिर पर भारतीय किसान सेना की बैठक बुधवार को हुई। मुख्य अतिथि व भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर रामराज पटेल ने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियां किसान विरोधी हैं। किसानों की समस्याओं, सिंचाई के संसाधनों आदि बिंदुओ पर विचार किया साथ ही ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों का गठन किया गया, जिसमें सर्वसम्मत से ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह, महासचिव विजयप्रताप सिंह को चुना गया।
बैठक में महामंत्री बद्री प्रसाद दुबे को सरंक्षक एवं उपाध्यक्ष प्रमोद गिरी व राम आसरे बिंद को सचिव बनाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री दोमुंही बात करते हैं, अपने 2014 में जगह जगह चुनावी सभाओं में स्वामी नाथन रिपोर्ट लागू करने के लिए बार बार कहा, लेकिन तीन वर्ष का समय बीतने के बाद लागू करना तो दूर संसद में आज तक चर्चा नही की गई। ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह ने कहा की हर समस्याओं के समाधान के लिये बहुत से आयोगों का गठन किया गया लेकिन किसान आयोग का गठन नही किया गया। किसानों को 60 वर्ष के बाद भी इनकी स्थिति परिस्थिति को देखते हुये किसानों पांच हजार रुपये की मांग पूरी की जाय। उन्होंने कहा कि गाय का दूध 20 से 25 रुपये बिक रहा है और बाजार में पानी भी 20 से 25 रुपये में बिक रहा है। किसान का लागत मूल्य भी नही मिल पा रहा हैं, जिससे किसान भुखमरी के कगार पर हो गया है। भारतीय किसान सेना के राष्ट्रीय सरंक्षक रामनगीना पटेल ने कहा कि किसान भारतीय किसान सेना से जुड़कर जन आंदोलन कर के सरकार से लड़ कर किसान सेना का गठन करने को बाध्य कर देंगे। सभा का संचालन बद्री प्रसाद दुबे ने किया बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष जगदीश सिंह ने किया। बैठक में प्रमोद गिरी, जिलाध्यक्ष लालमणि पटेल, राजेद्र पटेल, कैलाश सिंह, शशिप्रकाश सिंह, रामभजन पटेल, रामकरन बिंद, श्यामसुंदर दुबे, सीताराम मौर्या, रामचरन पटेल, प्रदीप मौर्या आदि मौजूद रहे।
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