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भैरव अष्टमी पर भव्य श्रृंगार, भक्तों ने किया बाबा का दर्शन
Updated Sun, 12 Nov 2017 12:14 AM IST
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मिर्जापुर। जिले भर में भैरव अष्टमी के पावन पर्व पर नगर समेत ग्रामीणांचलों में बाबा भैरव नाथ मंदिर का शनिवार को भव्य श्रृंगार का आयोजन किया गया। इस दौरान भैरव मंदिरों को फूल मालाओं व विद्युत झालरों से सजाया गया था। इस अवसर पर भजन कीर्तन का भी आयोजन किया गया था। मंदिर समितियों के द्वारा भैरव अष्टमी के मौके पर हलवा घुघरी के रूप में प्रासाद वितरण किया गया। नगर के पेहटी का चौराहा स्थित काशी लाल भैरव, चिनिहवां इनारा स्थित काल भैरव, अनगढ़ रोड स्थित पहलवान वीर बाबा एवं विंध्याचल में सभी भैरव मंदिरों में बाबा का दर्शन करने वाले भक्तों का तांता लगा रहा।
सुबह से ही भैरव अष्टमी के अवसर पर सभी मंदिरों में समितियों के द्वारा साफ सफाई कराने के बाद फूल मालाओं से दिव्य श्रृंगार किया गया। बाबा भैरव नाथ का दर्शन करने वाले भक्तों का शाम होते ही दर्शन के लिए लाइन में खड़े हो गए। भक्त श्रद्घा व भक्ति से बाबा का दर्शन कर पुण्य के भागी बने। नगर के अलावा ग्रमीण क्षेत्रों के भी भैरव मंदिर सजावट से जगमग करते रहे। इस मौके पर भक्ति गीतों की धुन क्षेत्र में गूंजती रही। लोगों ने विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।
विंध्याचल में बाबा भैरवनाथ का शृंगार
विंध्याचल। विंध्याचल में अगहन मास के अष्टमी तिथि पर भैरव अष्टमी का दिन माना गया है। विंध्य क्षेत्र के मां विंध्यवासिनी मंदिर समेत कंतित में विराजमान लाल भैरव, कोतवाली स्थित बटुक भैरव, अष्टभुजा पहाड़ स्थित भैरव नाथ, भवानीपुर भैरव मंदिर, काली खोह स्थित भूतनाथ भैरव आदि मंदिरों में सुबह से ही दर्शन पूजन करने का सिलसिला शुरु हुआ जो देर रात तक चलता रहा। जगह-जगह कीर्तन, भंडारा, अनुष्ठान का कार्यक्रम चलता रहा। इस मौके पर प्रसाद वितरण किया गया। भक्त बाबा भैरव नाथ के दर्शन पूजन कर पुण्य के भागी बने।
सुबह से ही भैरव अष्टमी के अवसर पर सभी मंदिरों में समितियों के द्वारा साफ सफाई कराने के बाद फूल मालाओं से दिव्य श्रृंगार किया गया। बाबा भैरव नाथ का दर्शन करने वाले भक्तों का शाम होते ही दर्शन के लिए लाइन में खड़े हो गए। भक्त श्रद्घा व भक्ति से बाबा का दर्शन कर पुण्य के भागी बने। नगर के अलावा ग्रमीण क्षेत्रों के भी भैरव मंदिर सजावट से जगमग करते रहे। इस मौके पर भक्ति गीतों की धुन क्षेत्र में गूंजती रही। लोगों ने विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद बाबा का प्रसाद ग्रहण किया।
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विंध्याचल में बाबा भैरवनाथ का शृंगार
विंध्याचल। विंध्याचल में अगहन मास के अष्टमी तिथि पर भैरव अष्टमी का दिन माना गया है। विंध्य क्षेत्र के मां विंध्यवासिनी मंदिर समेत कंतित में विराजमान लाल भैरव, कोतवाली स्थित बटुक भैरव, अष्टभुजा पहाड़ स्थित भैरव नाथ, भवानीपुर भैरव मंदिर, काली खोह स्थित भूतनाथ भैरव आदि मंदिरों में सुबह से ही दर्शन पूजन करने का सिलसिला शुरु हुआ जो देर रात तक चलता रहा। जगह-जगह कीर्तन, भंडारा, अनुष्ठान का कार्यक्रम चलता रहा। इस मौके पर प्रसाद वितरण किया गया। भक्त बाबा भैरव नाथ के दर्शन पूजन कर पुण्य के भागी बने।
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