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पूर्व डीजी ने कछवां के विवादित भूमि का किया खुलासा
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:21 AM IST
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कछवां। कछवा में विवादित कीमती जमीन को कुछ लोग राजस्व टीम और नगर पंचायत को अपने प्रभाव में लेकर हड़पना चाहते हैं। ये बातेें पूर्व पुलिस महानिदेशक व नागरिक समाज के सदस्य आरएन सिंह ने मंगलवार को रामकिंकर सिरडी साई मंदिर परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
उन्होंने 391 नंबर की विवादित जमीन और सरकार बहादुर कलेक्टर परेड की भूमि के विवाद को लेकर नगर पंचायत कार्यालय पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। कहा कि कुछ भू माफिया अवैध रूप से राजस्व टीम और नगर पंचायत को अपने प्रभाव में लेकर करोड़ों की सरकारी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। सरकारी अभिलेख के अनुसार 391 नंबर की जमीन 19 बिस्वा है जिसे कुछ लोगों को बैनामा कराया है। जबकि नगर पंचायत गलत ढंग से मानचित्र भी स्वीकृत किया है। राजस्व अभिलेख के नए और पुराने मानचित्र में काफी भिन्नता है। उस जमीन के तीन नक्शे हैं जो राजस्व विभाग से स्वीकृति हैं और अलग- अलग जमीन का माप बता रहे हैं। इससे लगता है कि कहीं न कहीं राजस्व टीम भी इस गोरखधंधे में शामिल है। 391 नंबर की जमीन में चार हिस्सेदार हैं और तीन लोगों ने बैनामा किया है। चौथे हिस्सेदार की जमीन का कहीं अता पता नहीं है। इसकी आंड़ में भू माफिया 391 नंबर से सटे जमीन को साजिश करके 368 नंबर की जमीन बताकर उसे भी हड़पना चाहते हैं जबकि वहां पुराने अभिलेख से नाला है जो गंगा तक जाता है। नगर पंचायत में ठेकेदारी प्रथा को लेकर बताया की मंगलवार को दो बजे दोपहर में टेंडर खुलना था जबकि सुबह ही किसको कौन सा काम मिलना है सार्वजनिक हो गया। इसकी शिकायत आन लाईन पोर्टल पर टेंडर खुलने के पहले ही की गई कि किसको कौन सा काम दिया गया है। इसे निरस्त कर धांधली बरतने के मामले में कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भेजा गया। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को गंभीरता से लेें। कई अपात्रों को आवास दिया गया है जिसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही नगर क्षेत्र में नगर पंचायत से जो भी निर्माण कार्य हो उसके स्टीमेट बोर्ड लगाकर कार्य हो और मानचित्र के नाम पर अवैध वसूली बंद कर समय से सही मानचित्र को नगरवासियों को उपलब्ध कराया जाए। इस मौके पर सगीर अहमद ,उदय शंकर उपाध्याय, लक्ष्मीकांत गुप्ता ,राजन केशरी ,राजकुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह ,रामशंकर सिंह मौजूद रहे ।
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उन्होंने 391 नंबर की विवादित जमीन और सरकार बहादुर कलेक्टर परेड की भूमि के विवाद को लेकर नगर पंचायत कार्यालय पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया। कहा कि कुछ भू माफिया अवैध रूप से राजस्व टीम और नगर पंचायत को अपने प्रभाव में लेकर करोड़ों की सरकारी संपत्ति हड़पना चाहते हैं। सरकारी अभिलेख के अनुसार 391 नंबर की जमीन 19 बिस्वा है जिसे कुछ लोगों को बैनामा कराया है। जबकि नगर पंचायत गलत ढंग से मानचित्र भी स्वीकृत किया है। राजस्व अभिलेख के नए और पुराने मानचित्र में काफी भिन्नता है। उस जमीन के तीन नक्शे हैं जो राजस्व विभाग से स्वीकृति हैं और अलग- अलग जमीन का माप बता रहे हैं। इससे लगता है कि कहीं न कहीं राजस्व टीम भी इस गोरखधंधे में शामिल है। 391 नंबर की जमीन में चार हिस्सेदार हैं और तीन लोगों ने बैनामा किया है। चौथे हिस्सेदार की जमीन का कहीं अता पता नहीं है। इसकी आंड़ में भू माफिया 391 नंबर से सटे जमीन को साजिश करके 368 नंबर की जमीन बताकर उसे भी हड़पना चाहते हैं जबकि वहां पुराने अभिलेख से नाला है जो गंगा तक जाता है। नगर पंचायत में ठेकेदारी प्रथा को लेकर बताया की मंगलवार को दो बजे दोपहर में टेंडर खुलना था जबकि सुबह ही किसको कौन सा काम मिलना है सार्वजनिक हो गया। इसकी शिकायत आन लाईन पोर्टल पर टेंडर खुलने के पहले ही की गई कि किसको कौन सा काम दिया गया है। इसे निरस्त कर धांधली बरतने के मामले में कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भेजा गया। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को गंभीरता से लेें। कई अपात्रों को आवास दिया गया है जिसकी जांच होनी चाहिए। साथ ही नगर क्षेत्र में नगर पंचायत से जो भी निर्माण कार्य हो उसके स्टीमेट बोर्ड लगाकर कार्य हो और मानचित्र के नाम पर अवैध वसूली बंद कर समय से सही मानचित्र को नगरवासियों को उपलब्ध कराया जाए। इस मौके पर सगीर अहमद ,उदय शंकर उपाध्याय, लक्ष्मीकांत गुप्ता ,राजन केशरी ,राजकुमार सिंह, ओमप्रकाश सिंह ,रामशंकर सिंह मौजूद रहे ।
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