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धरोहरों को संरक्षित करने की जरूरत: रामकृष्ण
Updated Wed, 18 Apr 2018 11:56 PM IST
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मिर्जापुर। जिला पंचायत सभागार में विश्व विरासत दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आईजी इंटेलिजेंस रामकृष्ण चतुर्वेदी ने जनपद के ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने पर बल दिया। कहा कि मिर्जापुर में विरासत में मिले संस्कार एवं पुरातात्विक धरोहरों को उस जिले का नागरिक ही सही मायने में संरक्षित रखता है। जिले में पुरातात्विक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों की पहचान बना सकते है।
डा. रचना विमल ने कहा कि गाय के मुख से निकली मां की ध्वनी मां, माता के रूप में बदल गई, मिर्जापुर अगर हिंदुस्तान में नही विदेश में होता तो लोग सैकड़ों डालर खर्च करके सलखन के जीवाश्म, चुनार किला, विंढमफाल, सिद्वनाथ की दरी आदि धरोहरों को देखने आते। इस दौरान मनीषी, मृग्नेंद्र, डा. केएम सिंह, एसडीएम अरविंद चौहान, डा. स्नेहलता द्विवेदी ने विचार व्यक्त किया।
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डा. रचना विमल ने कहा कि गाय के मुख से निकली मां की ध्वनी मां, माता के रूप में बदल गई, मिर्जापुर अगर हिंदुस्तान में नही विदेश में होता तो लोग सैकड़ों डालर खर्च करके सलखन के जीवाश्म, चुनार किला, विंढमफाल, सिद्वनाथ की दरी आदि धरोहरों को देखने आते। इस दौरान मनीषी, मृग्नेंद्र, डा. केएम सिंह, एसडीएम अरविंद चौहान, डा. स्नेहलता द्विवेदी ने विचार व्यक्त किया।
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