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शौचालयों में खप रही घटिया सामग्री
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:57 PM IST
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ड्रमंडगंज। विकास खंड के ग्रामों में विकास कार्य की गति काफी धीमी है। मैटेरियल के अभाव में आवास, सड़क सहित विकास कार्य नहीं हो पा रहे है। मजबूरन विकास कार्यो में घटिया किस्म की नदी के बालू का उपयोग किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी हैै, साथ ही विकास कार्य मानक के अनुरुप नहीं हो पा रहा है।
हलिया विकास खंड के 79 ग्राम सभाओं मे शौचालय, आवास तथा इंटरलाकिंग आदि कार्य चल रहे है। कार्य को पूरा कराने हेतु संबंधित ग्राम प्रधानों द्वारा मैटेरियल के अभाव के कारण नदी, नालों के घटिया किस्म के बालू का उपयोग किया जा रहा है। मैटेरियल सप्लायरों के पास पर्याप्त मैटेरियल नहीं होने के कारण ऊंचे दामों पर दिया जा रहा है। वहीं ग्राम प्रधान तथा लाभार्थी का कहना है कि बाजार से लेने से खर्च अधिक आ रहा है। घटिया किस्म के बालू से बन रहे शौचालय पांच वर्ष तक भी नहीं चला पाएंगे। विकास खंड के गांवो में 130000 शौचालय जुलाई माह से ही आया है और आधे अधूरे ही शौचालय बनाए गए है। ग्राम सभा राजपुर में 85 शौचालय ब्लॉक से आवंटित किए गए है जिसमें मात्र एक दर्जन ही शौचालय अभी तक बन पाया है। वह भी घटिया किस्म के मैटेरियल से बनाया जा रहा है जबकि लाभार्थी मुनऊर, बैजू, अंगनू, अब्बास, बबलू, सोनू आदि की आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई करने की मांग किया है। इनका कहना है कि प्रधान द्वारा घटिया किस्म के बालू तथा ईंट का उपयोग शौचालय निर्माण में किया जा रहा है।
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हलिया विकास खंड के 79 ग्राम सभाओं मे शौचालय, आवास तथा इंटरलाकिंग आदि कार्य चल रहे है। कार्य को पूरा कराने हेतु संबंधित ग्राम प्रधानों द्वारा मैटेरियल के अभाव के कारण नदी, नालों के घटिया किस्म के बालू का उपयोग किया जा रहा है। मैटेरियल सप्लायरों के पास पर्याप्त मैटेरियल नहीं होने के कारण ऊंचे दामों पर दिया जा रहा है। वहीं ग्राम प्रधान तथा लाभार्थी का कहना है कि बाजार से लेने से खर्च अधिक आ रहा है। घटिया किस्म के बालू से बन रहे शौचालय पांच वर्ष तक भी नहीं चला पाएंगे। विकास खंड के गांवो में 130000 शौचालय जुलाई माह से ही आया है और आधे अधूरे ही शौचालय बनाए गए है। ग्राम सभा राजपुर में 85 शौचालय ब्लॉक से आवंटित किए गए है जिसमें मात्र एक दर्जन ही शौचालय अभी तक बन पाया है। वह भी घटिया किस्म के मैटेरियल से बनाया जा रहा है जबकि लाभार्थी मुनऊर, बैजू, अंगनू, अब्बास, बबलू, सोनू आदि की आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी से कार्रवाई करने की मांग किया है। इनका कहना है कि प्रधान द्वारा घटिया किस्म के बालू तथा ईंट का उपयोग शौचालय निर्माण में किया जा रहा है।
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