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वन विभाग द्वारा हटाए गए वनवासी खुले में गुजार रहे रात

Mon, 13 Nov 2017 01:02 AM IST
Updated Mon, 13 Nov 2017 01:02 AM IST
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वन विभाग द्वारा हटाए गए वनवासी खुले में गुजार रहे रात

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ड्रमंडगंज। हलिया विकास खंड के विंध्य किसान परिषद कार्यालय पर रविवार को किसानो की बैठक हुई। इसमें क्षेत्र के थोथा, बैधा, कवलझर, सगरा, मटिहरा, मतवार, कुसियरा, उमरिया, पिपरा, गोर्गी आदि गांव के हजारों किसानों ने भाग लिया। बैठक में अति पिछड़े कोरावल क्षेत्र के दलित आदिवासियों व वनवासियों को वन विभाग द्वारा हटाए जाने का मामला चर्चा में बना रहा। वक्ताओं ने कहा कि गरीबों का घर तोड़ दिया गया, जिससे वह ठंड में जान जोखिम में डालकर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर हैं।

केंद्रीय उपाध्यक्ष जगदीश प्रसाद मिश्र ने कहा कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा उनके पुस्तैनी मकान को जेसीबी द्वारा धराशाही करके वैधा,गोर्गी, केवलझर के वनवासी आदिवासियों का घर उजाड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से गरीबों को रहने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। ठंड में अधिकतर गरीब वनवासी अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ पेड़ के छांव तले जीवन गुजारने को मजबूर हैं। विंध्य किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद शेखर गिरी ने कहां कि वनवासियों व आदिवासियों के साथ वन विभाग के अधिकारियों ने अन्याय किया है। इतना ही नहीं बंजारी में धारा 20 की गई जमीन का वैधानिक प्रक्रिया गलत हैं, जमीन माफियाओ व दबंगो के कब्जे में है। वन विभाग के अधिकारी गरीबों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। इस अवसर पर संतोष मिश्र, विशेश्वर प्रसाद गुप्त, सुरेश दुबे, रामसखा प्रधान, शिवबाबू, मनिराम, रंगनाथ सिंह, पुष्पराज कोल, आदि उपस्थित रहे। संचालक चिरौजी लाल कोल ने किया।
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