{"_id":"59bc27664f1c1b98688b4cd7","slug":"101505503078-mirzapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलेक्ट्रेट में डटे रहे शिक्षा प्रेरक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलेक्ट्रेट में डटे रहे शिक्षा प्रेरक
Updated Sat, 16 Sep 2017 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट परिसर में शिक्षा प्रेरकों का धरना-प्रदर्शन शुक्रवार को पांचवें दिन भी चला। शिक्षा प्रेरकों ने जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे को अपनी मांगों से संबंधित पत्रक सौंपा। प्रेरकों ने डीएम को पत्रक सौंप कर नवीनीकरण कराने और नवीनीकरण के नाम पर हो रहे शोषण को बंद करने की मांग की। कहा कि वे साक्षरता, पल्स पोलियो, टीकाकरण, स्वच्छ भारत मिशन आदि सरकारी कार्यक्रमों में अपना योगदान देते रहे हैं फिर भी उनके साथ दोहरा व्यवहार किया जा रहा है।
आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में जारी धरना में प्रेरक चंद्र प्रकाश पटेल ने कहा कि शिक्षा प्रेरकों से वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव में रैपिड सर्वे का कार्य कराया गया था। जिसकी धनराशि आज तक नहीं मिली है। मंडल अध्यक्ष अनिल यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायतों के लोक शिक्षा केंद्रों पर कार्यरत प्रेरक नवीनीकरण में वसूली की जा रही है। राजू बाबू ने कहा कि नवीनीकरण के नाम पर प्रधान द्वारा अनावश्यक परेशान किया जाता है। प्रेरकों की ड्यूटी चुनावी साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, विधिक साक्षरता, चुनाव ड्यूटी, पल्स पोलियो, बीएलओ आदि में लगाया जा रहा है। हर वर्ष प्रेरकों को नवीनीकरण कराना पड़ता है। धरने में कृपाशंकर यादव, पूजा बिंद, सविता देवी, इंद्रावती देवी, वीरेंद्र सिंह, अनारकली, रंजना यादव, निर्मला देवी, चंद्र प्रकाश पटेल आदि ने विचार व्यक्त किया। इस दौरान विनीता जायसवाल, अंजुलता सिंह, विमल यादव, बबिता यादव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन