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माइनर की मिट्टी काटकर खेती कर रहे किसान
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:15 AM IST
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नरायनपुर। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी नारायनपुर ब्लाक की परशुरामपुर माइनर का काम पूरा नहीं हो सका है। इससे किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बरीजीवनपुर के बाद माइनर की मिट्टी काट कर किसान खेती कर रहे हैं।
विकास खंड नरायनपुर में सिंचाई विभाग के मूसा खांड़ प्रखंड द्वारा निर्मित गंगा नहर पंप कैनाल बनाया गया है। नरायनपुर में पंप कैनाल बने हुए तीन दशक हो चुके हैं। मुख्य नहर से निकली परशुरामपुर माइनर अभी तक अधूरी है। इस माइनर का परशुरामपुर से फत्तेपुर गांव तक निर्माण कराया जाना था लेकिन माइनर का निर्माण सिर्फ बरी गांव तक ही बन पाई। बरी गांव के आगे तक माइनर को मिट्टी फेंक कर बनाया गया था। वहीं बरीजीवनपुर गांव के एक किसान ने मुआवजा नहीं मिलने के कारण उच्च न्यायालय से स्टे करा दिया था। तीन दशक बाद भी अधिकारी के पहल करने के कारण मात्र बरीजीवनपुर तक ही सिंचाई के लिए पानी पहुंच रहा है, उसके बाद बनी माइनर की मिट्टी काट कर किसानों द्वारा खेती की जा रही है। क्षेत्र के कतिया भोपती, प्रतापपुर, दीक्षितपुर, फत्तेपुर गांव के सामने सिंचाई की समस्या बनी हुई है। लोगों को खेतों की सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्र के कुछ किसानों ने अपनी निजी पंप सेट लगा कर अपने खेतों की सिचाई कर ले रहे हैं। गरीब किसानों के सामने समस्या बनी हुई है। क्षेत्र में सिंचाई नहीं होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। क्षेत्रीय किसानों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए नहर निर्माण पूरा कराते हुए सिंचाई व्यवस्था कराने की मांग की है।
विकास खंड नरायनपुर में सिंचाई विभाग के मूसा खांड़ प्रखंड द्वारा निर्मित गंगा नहर पंप कैनाल बनाया गया है। नरायनपुर में पंप कैनाल बने हुए तीन दशक हो चुके हैं। मुख्य नहर से निकली परशुरामपुर माइनर अभी तक अधूरी है। इस माइनर का परशुरामपुर से फत्तेपुर गांव तक निर्माण कराया जाना था लेकिन माइनर का निर्माण सिर्फ बरी गांव तक ही बन पाई। बरी गांव के आगे तक माइनर को मिट्टी फेंक कर बनाया गया था। वहीं बरीजीवनपुर गांव के एक किसान ने मुआवजा नहीं मिलने के कारण उच्च न्यायालय से स्टे करा दिया था। तीन दशक बाद भी अधिकारी के पहल करने के कारण मात्र बरीजीवनपुर तक ही सिंचाई के लिए पानी पहुंच रहा है, उसके बाद बनी माइनर की मिट्टी काट कर किसानों द्वारा खेती की जा रही है। क्षेत्र के कतिया भोपती, प्रतापपुर, दीक्षितपुर, फत्तेपुर गांव के सामने सिंचाई की समस्या बनी हुई है। लोगों को खेतों की सिंचाई के लिए परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्र के कुछ किसानों ने अपनी निजी पंप सेट लगा कर अपने खेतों की सिचाई कर ले रहे हैं। गरीब किसानों के सामने समस्या बनी हुई है। क्षेत्र में सिंचाई नहीं होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही हैं। क्षेत्रीय किसानों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए नहर निर्माण पूरा कराते हुए सिंचाई व्यवस्था कराने की मांग की है।
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