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बागपत: खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही यमुना, 23 गांवों को खतरा, चौकियों को अलर्ट जारी
Tue, 18 Aug 2020 12:11 AM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 18 Aug 2020 12:11 AM IST
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जलस्तर बढ़ा
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बागपत में हथनी कुंड से दो दिन में 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर बढ़ने से खादर में किसानों की फसलों का नुकसान हुआ है। यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। प्रशासन ने जिले में अलर्ट जारी कर दिय है। मंगलवार शाम तक पानी बागपत पहुंच जाएगा। जलस्तर बढ़ने पर कटान व बाढ़ से निपटने की तैयारी कर ली है। कटान रोकने के लिए सीमेंट के कट्टे व बल्लियों का स्टॉक लगाया है।
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हथनी कुंड से रविवार को 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो सोमवार को बागपत पहुंच गया। इसके बाद सोमवार को फिर हथनी कुंड में चार हजार क्यूसेक पानी और छोड़ा गया, जो आज (मंगलवार) शाम तक बागपत पहुंच जाएगा। फिलहाल यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है। यमुना का जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
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खादर में खेती करने वाले किसानों को यमुना ओर न जाने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ नियंत्रण के लिए जिले में 11 चौकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा कटान रोकने के लिए सीमेंट के कट्टे व बल्लियों का स्टॉक किया है। बाढ़ नियंत्रण के नोडल अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि दो दिन में यमुना में 24 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फिलहाल यमुना खतरे के निशान से एक मीटर नीचे बह रही है।
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चौकियों को अलर्ट जारी किया
प्रभारी सीडीओ हुबलाल ने बताया बाढ़ नियंत्रण के लिए प्रशासन की तैयारी पूरी है। जिले की तीनों तहसीलों में 11 बाढ़ नियंत्रण चौकियां बनाई हैं। सभी चौकी प्रभारियों को निर्देश जारी किए हैं।
जिले के 23 गांवों को है खतरा
छपरौली, शबका, ककौर कला, कौताना, खेड़ी लुहारी, निनाना, नैथला, सुल्तानपुर हटाना, सिसाना, निवाड़ा, पाली, बागपत, काठा, मवीं कला, सांकरौद, सुभानपुर सहित 23 गांवों में बाढ़ व कटान का खतरा है।