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याकूब कुरैशी की फैक्टरी में तीन सौ ट्रक मीट, निकालने के लिए संचालक ने मांगा समय

Thu, 20 Dec 2018 03:45 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 20 Dec 2018 03:45 PM IST
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Yakub Qureshi asked for time to remove hundred of trucks meat from the factory
याकूब कुरैशी की मीट फैक्ट्री

पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की मीट फैक्टरी अलफहीम भले ही बंद हो गई हो। लेकिन यहां अभी इतना मीट पैक है जिससे तीन सौ ट्रक भरे जा सकते हैं। इस बाबत फैक्ट्री संचालक की ओर से एमडीए में दरख्वास्त की गई है कि उन्हें इस माल को निकालने के लिए उचित समय दिया जाए।

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इस कारण बंद हुई फैक्टरी
याकूब कुरैशी की अलफहीम मीटेक्स प्रा.लि. हापुड़ रोड पर गांव ढिकौली सांकरपुर के रकबे में है। यह फैक्ट्री कुल 13.17 हेक्टेयर भूमि पर बनी है। अभिलेखों के अनुसार इसमें से कुल 10.75 हेक्टेयर भूमि सार्वजनिक सुविधाओं वाली सरकारी भूमि, 0.544 हेक्टेयर रोड वाइंडिंग, 1.132 हेक्टेयर भूमि ग्रीन वर्ज में है। मात्र 0.137 हेक्टेयर भूमि ही औद्योगिक प्रयोग वाली है। 
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मानचित्र का फंसा पेच
इस फैक्टरी का पूरा नक्शा स्वीकृत नहीं था। कंपनी की ओर से मानचित्र स्वीकृति व भू उपयोग परिवर्तन के लिए आवेदन किया गया था। एमडीए ने कुछ आपत्तियां लगाई थीं जिसे पूरा न करने पर मानचित्र निरस्त कर दिया गया था और उसके कुछ समय बाद सील लगाकर एक जुलाई 2015 को ध्वस्तीकरण का आदेश कर दिया गया।
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हालांकि इस पर कंपनी की ओर से आयुक्त के न्यायालय में तथा शासन में रिवीजन दाखिल हुआ है। वहां से भी अभी निर्णय आना शेष है। लेकिन यह तो तय है कि ग्रीन वर्ज में निर्माण तोड़ना ही होगा। साथ ही भू उपयोग के लिए भी पहले बोर्ड में प्रस्ताव पास होगा और उसके बाद शासन से अनुमति लेनी होगी। इसके लिए काफी वक्त चाहिए।

माल निकालने की मंजूरी : कंपनी की तरफ से एक पत्र देकर कहा गया कि स्लाटर हाउस बंद है। लेकिन यहां लगभग तीन सौ ट्रक माल है जो तैयार है। इसे तो बाहर भेजना ही होगा, वरना खराब हो जाएगा। इसके लिए समय चाहिए। एमडीए अधिकारियों ने इसके लिए समय सीमा तय करने की तैयारी की है। साथ ही यहां जांच होगी कि वास्तव में माल कितना है।

स्लाटर हाउस हो गया बंद
बात न बनने पर इस फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की गई। अलफहीम की ओर से शमन मानचित्र का आवेदन और 25 लाख रुपये शमन शुल्क जमा किया गया है। बावजूद इसके एमडीए ने इसे सील करने की तैयारी कर दी। तय किया गया था कि 18 दिसंबर को यहां फोर्स व पीएसी ले जाकर एक्शन किया जाए। इससे पूर्व ही 17 दिसंबर को फैक्टरी संचालकों की ओर से एप्लीकेशन दे दी गई कि वह खुद ही इसे बंद कर रहे हैं। तब से स्लाटर हाउस बंद है।

अलीपुर स्थित अल सावेज और अल हबीब मीट प्लांट इससे पहले इसी तरह से बंद हो चुके हैं। यहां भी खामियां थी और एमडीए कार्रवाई की बात कर रहा था। दोनों ही फैक्टरियों के संचालकों ने शपथ पत्र दिया है कि उन्होंने अपने प्लांट खुद ही बंद कर दिए हैं।  

इन फैक्टरियों के मानचित्रों का आवेदन भी किया गया है पर यह बोर्ड मीटिंग में ही मंजूर हो सकता है। चूंकि मामला भू उपयोग परिवर्तन का है तो बिना बोर्ड मीटिंग के इसका निदान संभव नहीं है। नक्शा स्वीकृत न होने तक इन्हें अवैध ही माना जाएगा। 

यह तो देखा ही जाएगा
तीन सौ ट्रक मीट अलफहीम फैक्ट्री में है भी या नहीं, यह तो देखा जाएगा। अलफहीम संचालक ने इस बाबत प्रार्थनापत्र दिया है कि इस मीट को सप्लाई करने का समय दिया जाए। -साहब सिंह, वीसी एमडीए
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