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रिंग में उतरने को बेताब हैं रेसलर कविता दलाल, देश को डब्लूडब्लूई का खिताब दिलाने का है सपना

Tue, 26 Nov 2019 01:53 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: कपिल kapil Updated Tue, 26 Nov 2019 01:53 AM IST
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WWE Championship, Wrestler Kavita Dalal are practicing in Baghpat after undergoing treatment in US
रेसलर कविता दलाल - फोटो : अमर उजाला

डब्लूडब्लूई की पहली भारतीय महिला रेसलर (लेडी खली) और जिले के बिजवाड़ा गांव की बहू कविता दलाल तीन महीने बाद एक बार फिर से रिंग में उतरने को बेताब हैं और इस बार उनका सपना देश को डब्लूडब्लूई चैंपियन का टाइटल दिलवाना है। अमेरिका के फ्लोरिडा अस्पताल से अपने चोटिल घुटने का इलाज कराकर तीन माह बाद बड़ौत पहुंचने पर उन्होंने चिकित्सकों की देखरेख में फिर से अभ्यास भी शुरू कर दिया है।

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बता दें कि अमेरिका के फ्लोरिडा में डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए हार्ड केडी उर्फ कविता दलाल अगस्त माह में गई थीं। बागपत की बहू और लेडी खली के नाम से विख्यात, कविता दलाल काफी समय से इस चैंपियनशिप के लिए अभ्यास कर रही थीं और देश की सारी उम्मीदें उन्हीं पर टिकी थीं। यह तैयारी करते समय ही कविता दलाल के एक पैर में गंभीर चोट लग गई थी। इसके बाद से वह फ्लोरिडा के अस्पताल में उपचार करा रही थीं। घुटने के ऑपरेशन के बाद कविता जिले में लौटीं। यहां पहुंचकर भी उन्होंने आराम नहीं किया। कविता ने बड़ौत में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभम जैन से चेकअप कराया। इसके साथ ही जिम में पसीना बहाया। यहां ट्रेनर की मदद से तीन घंटे तक अभ्यास किया।
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बुरे सपने से कम नहीं रहा रिंग से दूर रहना

कविता ने कहा कि रिंग में अभ्यास के दौरान लगी चोट और उसके कारण तीन महीने तक रिंग से दूर रहना किसी बुरे सपने से कम नहीं है। यह एक बुरी याद की तरह है जिसे वह जल्द से जल्द भुलाना चाहती है। उसका अब एक ही सपना है कि जल्द से जल्द ठीक होकर डब्लूडब्लूई रिंग में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए चैंपियनशिप का टाइटल देश के नाम कर सकूं। वह अपना यह सपना भी जल्द पूरा करेगी क्योंकि देशवासियों के प्यार और आशीर्वाद उसके साथ है। 

बड़ी स्पर्धाओं में यह रहा जीत का सफर
- 2006 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं 
- 2007 में नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक उन्होंने हासिल किया
- 2008 में नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2010 में नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
-2011 में राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक
- 2014 में नेशनल वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक,
- 2015 में राष्ट्रीय खेल केरल में स्वर्ण पदक
- 2016 में शार्क गेम्स में स्वर्ण पदक, 
- 2018 में डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया है।

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