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गुप्त नवरात्रों में होगी 10 महाविद्याओं की आराधना से सिद्धि प्राप्ति
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गुप्त नवरात्रों में होगी 10 महाविद्याओं की आराधना से सिद्धि प्राप्ति
मेरठ। आज (सोमवार) से गुप्त नवरात्र शुरू हो जाएंगे। यह नवरात्र 10 महाविद्याओं से सिद्धि प्राप्त करने का विशेष अवसर माना गया है। धर्मगुरुओं के साथ अन्य लोग इस काल में गुप्त पूजा करते हैं। शहर के मंदिरों के बंद होने के कारण इस बार श्रद्धालु आदि शक्ति महाकाली, महागौरी, दक्षिणेश्वरी महाकाली मंदिरों में दर्शन से वंचित हैं। मंदिरों के पुजारियों ने शहर के बाहरी मंदिरों की तरह शहर के अंदर मंदिर खोले जाने की प्रशासन से मांग की है।
वृद्धि योग के साथ आ रहे गुप्त नवरात्र
आज 22 जून को गुप्त नवरात्र वृद्धि योग के साथ शुरू हो रहे हैं। ग्रह और नक्षत्रों के अद्भुत संयोग के बीच गृहस्थ और साधक जो भी सिद्धि प्राप्त करने के उद्देश्य से व्रत करेगा वह शुभ फल को प्राप्त कर पाएगा। गुप्त नवरात्र खासतौर पर साधना के लिए होते हैं। 29 जून को गुप्त नवरात्र समाप्त होंगे। व्रत का पारण 30 जून को किया जाएगा। आचार्य पंडित संजय त्रिपाठी ने बताया कि इस काल में विशेषकर तांत्रिक कियाएं, शक्ति साधना, महाकाल की पूजा आदि विशेष फलदायक होती है। देवी की साधना के दौरान बहुत ही कड़े नियमों का पालन करना होता है, जिससे दुर्लभ शक्तियां प्राप्त होती हैं।
रात्रि में होती है मां की आराधना
इन नवरात्र में मां की आराधना रात्रि में होती है। घट स्थापना के बाद मंत्र, दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा के पाठ का विधान है। पंडित चंडी प्रसाद ने बताया व्रत रखने वालों को काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। व्रती के लिए अनाज और नमक का सेवन निषेध माना गया है।
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10 महाविद्याएं देती हैं सिद्धि
इस काल में 10 महाविद्याओं से सिद्धि प्राप्त होती है। देव शास्त्रों के अनुसार, इस पूजा का बड़ा फल रात्रि पूजा में प्राप्त होता है। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस पूजा से हर मनोकामना पूर्ण होती है। प्रत्यक्ष नवरात्र की भांति ही गुप्त नवरात्र पर पूजा की जाती है। 22 को कलश स्थापना होगी और 30 को व्रत का पारण और विसर्जन होगा।
देवी मंदिरों को खोलने की उठी मांग
शहर के बाजार खरीदारी के लिए खोल दिए गए हैं तो भक्तों के दर्शन के लिए मंदिरों को भी खोला जाना चाहिए। मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रदेश सरकार ने गाइड लाइन जारी की है। अब श्रावण मास भी शुरू होने वाला है। - हरीश चंद्र जोशी, पुजारी, महा विल्वेश्वर नाथ मंदिर।
मंदिरों में किया जाएगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
मंदिर समिति और पुजारियों के साथ भक्त भी अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। ऐसे में भक्तों को अपने इष्ट देव से दूर रखना अनुचित है। पूरे प्रदेश के मंदिर खोलने की अनुमति दे दी गई है। शहर के बाहरी क्षेत्र में मंदिर खुल रहे हैं। देवी शक्तिपीठ और अन्य मंदिरों को भी खोला जाना चाहिए। - निलिमानंद महाराज, महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर, बाबा मनोहर नाथ मंदिर।
भगवान जगन्नाथ यात्रा की तैयारी शुरू
शहर में 150 साल से अधिक समय से निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ यात्रा की तैयारी मंदिर में शुरू हो गई हैं। मंदिर में रविवार को भगवान जगन्नाथ के चांदी के रथ को निकालकर उसकी सफाई और पेंट आदि का कार्य किया गया। भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष पवन गर्ग ने बताया मंदिर समिति ने अपनी तरफ से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। सतर्कता की दृष्टि से सांकेतिक यात्रा के लिए स्वीकृति मांगी है। अनुमति मिलने पर ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी। समिति के मुख्य संयोजक गणेश अग्रवाल ने कहा कि यात्रा के नियम और औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा।
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मेरठ। आज (सोमवार) से गुप्त नवरात्र शुरू हो जाएंगे। यह नवरात्र 10 महाविद्याओं से सिद्धि प्राप्त करने का विशेष अवसर माना गया है। धर्मगुरुओं के साथ अन्य लोग इस काल में गुप्त पूजा करते हैं। शहर के मंदिरों के बंद होने के कारण इस बार श्रद्धालु आदि शक्ति महाकाली, महागौरी, दक्षिणेश्वरी महाकाली मंदिरों में दर्शन से वंचित हैं। मंदिरों के पुजारियों ने शहर के बाहरी मंदिरों की तरह शहर के अंदर मंदिर खोले जाने की प्रशासन से मांग की है।
वृद्धि योग के साथ आ रहे गुप्त नवरात्र
आज 22 जून को गुप्त नवरात्र वृद्धि योग के साथ शुरू हो रहे हैं। ग्रह और नक्षत्रों के अद्भुत संयोग के बीच गृहस्थ और साधक जो भी सिद्धि प्राप्त करने के उद्देश्य से व्रत करेगा वह शुभ फल को प्राप्त कर पाएगा। गुप्त नवरात्र खासतौर पर साधना के लिए होते हैं। 29 जून को गुप्त नवरात्र समाप्त होंगे। व्रत का पारण 30 जून को किया जाएगा। आचार्य पंडित संजय त्रिपाठी ने बताया कि इस काल में विशेषकर तांत्रिक कियाएं, शक्ति साधना, महाकाल की पूजा आदि विशेष फलदायक होती है। देवी की साधना के दौरान बहुत ही कड़े नियमों का पालन करना होता है, जिससे दुर्लभ शक्तियां प्राप्त होती हैं।
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रात्रि में होती है मां की आराधना
इन नवरात्र में मां की आराधना रात्रि में होती है। घट स्थापना के बाद मंत्र, दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा के पाठ का विधान है। पंडित चंडी प्रसाद ने बताया व्रत रखने वालों को काले कपड़े नहीं पहनने चाहिए। व्रती के लिए अनाज और नमक का सेवन निषेध माना गया है।
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10 महाविद्याएं देती हैं सिद्धि
इस काल में 10 महाविद्याओं से सिद्धि प्राप्त होती है। देव शास्त्रों के अनुसार, इस पूजा का बड़ा फल रात्रि पूजा में प्राप्त होता है। आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि इस पूजा से हर मनोकामना पूर्ण होती है। प्रत्यक्ष नवरात्र की भांति ही गुप्त नवरात्र पर पूजा की जाती है। 22 को कलश स्थापना होगी और 30 को व्रत का पारण और विसर्जन होगा।
देवी मंदिरों को खोलने की उठी मांग
शहर के बाजार खरीदारी के लिए खोल दिए गए हैं तो भक्तों के दर्शन के लिए मंदिरों को भी खोला जाना चाहिए। मंदिरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए प्रदेश सरकार ने गाइड लाइन जारी की है। अब श्रावण मास भी शुरू होने वाला है। - हरीश चंद्र जोशी, पुजारी, महा विल्वेश्वर नाथ मंदिर।
मंदिरों में किया जाएगा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन
मंदिर समिति और पुजारियों के साथ भक्त भी अपनी जिम्मेदारी समझते हैं। ऐसे में भक्तों को अपने इष्ट देव से दूर रखना अनुचित है। पूरे प्रदेश के मंदिर खोलने की अनुमति दे दी गई है। शहर के बाहरी क्षेत्र में मंदिर खुल रहे हैं। देवी शक्तिपीठ और अन्य मंदिरों को भी खोला जाना चाहिए। - निलिमानंद महाराज, महामंडलेश्वर पीठाधीश्वर, बाबा मनोहर नाथ मंदिर।
भगवान जगन्नाथ यात्रा की तैयारी शुरू
शहर में 150 साल से अधिक समय से निकाली जाने वाली भगवान जगन्नाथ यात्रा की तैयारी मंदिर में शुरू हो गई हैं। मंदिर में रविवार को भगवान जगन्नाथ के चांदी के रथ को निकालकर उसकी सफाई और पेंट आदि का कार्य किया गया। भगवान जगन्नाथ स्वामी मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष पवन गर्ग ने बताया मंदिर समिति ने अपनी तरफ से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली है। सतर्कता की दृष्टि से सांकेतिक यात्रा के लिए स्वीकृति मांगी है। अनुमति मिलने पर ही आगे की रणनीति बनाई जाएगी। समिति के मुख्य संयोजक गणेश अग्रवाल ने कहा कि यात्रा के नियम और औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा।