{"_id":"68bdbc1eadcb5180600e3c67","slug":"world-peace-mahayagna-concluded-with-purnahuti-mawana-news-c-228-1-mwn1001-103670-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"विश्व शांति महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ हुआ संपन्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विश्व शांति महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ हुआ संपन्न
विज्ञापन
प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में श्रद्धालुओं को स्मृति चिन्ह भेंट करते अध्यक्ष स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। आचार्य ज्ञान भूषण महाराज रत्नाकर के सानिध्य में कस्बे के प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए चल रहा श्री 1008 इंद्रध्वज महामंडल विधान रविवार को बड़े धूमधाम के साथ विश्व शांति महायज्ञ की पूर्ण आहुति के साथ संपन्न हुआ।
शुभारंभ जाप्य अनुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा से हुआ। शांतिधारा प्रदीप जैन, पूजा जैन, विनित जैन, कीर्ति जैन, जनेश्वर जैन, अंकित जैन गरिमा जैन, अग्रिम जैन ने की। अध्यक्ष जीवेंद्र जैन ने श्रद्धालुओं को वात्सल्य तीर्थ की स्मृति चिह्न भेंट की।
आचार्य ज्ञान भूषण रत्नाकर ने कहा कि पर्यूषण का तात्पर्य है कि वह पावन दिवस जो हमारी आत्मा को भी पवित्र बना दे। पर्यूषण पर्व के इन दिनों में हम अपनी आत्मा को स्वच्छ बनाने का प्रयास करते हैं। पर्यूषण पर्व के दस दिवसीय महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों से भक्तों ने महोत्सव में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
विज्ञापन
महोत्सव में श्रद्धालुओं ने धार्मिक गतिविधि में शामिल होकर पुण्य का संचय किया। धार्मिक गतिविधियों के साथ श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भक्ति से दस दिन व्यतीत करें। क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन ने बताया कि हमारी यह धार्मिक चर्या निरंतर धर्म की गतिविधियों से प्रवाहित रही है। समस्त विधान की मांगलिक क्रियाएं पंडित आशीष जैन शास्त्री व आयुष जैन शास्त्री ने संपन्न कराई। इंद्रध्वज महामण्डल विधान में पधारे दशलक्षण के दस वृत्तों का निर्वह्न करने वाले अनेक पात्रों को माल्यार्पण कर जाप्य माला भेंट की गई। भगवान शांतिनाथ से समस्त विश्व की शांति के लिए प्रार्थना की। विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने माला मुकुट पहनाकर सभी का स्वागत किया।
इस मौके पर महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, सुनील जैन, प्रवीण जैन, विजय जैन, प्रमोद जैन, मुकेश जैन, सुकांत जैन, संजय जैन, राजीव जैन, विनोद जैन, शोभित जैन आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
शुभारंभ जाप्य अनुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा से हुआ। शांतिधारा प्रदीप जैन, पूजा जैन, विनित जैन, कीर्ति जैन, जनेश्वर जैन, अंकित जैन गरिमा जैन, अग्रिम जैन ने की। अध्यक्ष जीवेंद्र जैन ने श्रद्धालुओं को वात्सल्य तीर्थ की स्मृति चिह्न भेंट की।
विज्ञापन
आचार्य ज्ञान भूषण रत्नाकर ने कहा कि पर्यूषण का तात्पर्य है कि वह पावन दिवस जो हमारी आत्मा को भी पवित्र बना दे। पर्यूषण पर्व के इन दिनों में हम अपनी आत्मा को स्वच्छ बनाने का प्रयास करते हैं। पर्यूषण पर्व के दस दिवसीय महोत्सव में विभिन्न प्रदेशों से भक्तों ने महोत्सव में शामिल होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।
विज्ञापन
महोत्सव में श्रद्धालुओं ने धार्मिक गतिविधि में शामिल होकर पुण्य का संचय किया। धार्मिक गतिविधियों के साथ श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भक्ति से दस दिन व्यतीत करें। क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन ने बताया कि हमारी यह धार्मिक चर्या निरंतर धर्म की गतिविधियों से प्रवाहित रही है। समस्त विधान की मांगलिक क्रियाएं पंडित आशीष जैन शास्त्री व आयुष जैन शास्त्री ने संपन्न कराई। इंद्रध्वज महामण्डल विधान में पधारे दशलक्षण के दस वृत्तों का निर्वह्न करने वाले अनेक पात्रों को माल्यार्पण कर जाप्य माला भेंट की गई। भगवान शांतिनाथ से समस्त विश्व की शांति के लिए प्रार्थना की। विधान संयोजक विजय कुमार जैन ने माला मुकुट पहनाकर सभी का स्वागत किया।
इस मौके पर महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, सुनील जैन, प्रवीण जैन, विजय जैन, प्रमोद जैन, मुकेश जैन, सुकांत जैन, संजय जैन, राजीव जैन, विनोद जैन, शोभित जैन आदि शामिल हुए।