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Meerut News: वीबी-जीरामजी योजना में बारिश के बीच 29 जगह काम
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शनिवार को बारिश के बीच लगाई गई ऑनलाइन हाजिरी स्रोत वीडियो ग्राफ
मौके पर ठप रहा कामकाज, कागजों में भरी मिली मजदूरों की हाजिरी
पड़ताल में 14 ग्राम पंचायतों में 29 जगहों पर 407 श्रमिकों की मिली हाजिरी
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबीजी-रामजी) के तहत विकासखंड हस्तिनापुर की कई ग्राम पंचायतों में कागजों पर श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। रविवार को की गई पड़ताल में 14 ग्राम पंचायतों में 29 जगहों पर 407 श्रमिकों की शाम 7:00 बजे तक हाजिरी दर्ज मिली। बारिश के कारण जहां क्षेत्र में सामान्य आवागमन प्रभावित रहा, वहीं सरकारी रिकॉर्ड में कार्यों पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होना सवाल खड़े करता है।
पंचायतवार रिकॉर्ड के अनुसार गजरौला में 32, गुढ़ा में 31, हुमायूंपुर में 27, जलालपुर जोरा में 35, किशोरपुर में 11, लतीफपुर में 18, महमूदपुर सिखेड़ा में 10, मखदूमपुर में 35, मानपुर में 39, मीवा में 18, नगली में 34, पाली में 35, रठौरा खुर्द में 39 और सैफपुर फिरोजपुर में 36 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई।
जानकारी के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की हाजिरी दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल एप ग्राम सचिवों के बजाय ग्राम पंचायतों में तैनात (मेट) के मोबाइल में होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इसी के माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की जा रही है। इससे ग्राम सचिवों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मनमाने तरीके से हाजिरी दर्ज होने के बावजूद योजना के तहत हर माह श्रमिकों का भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच और भौतिक सत्यापन की मांग की है। (संवाद)
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कागजों में दिखा काम, मौके पर घास-फूस और झाड़ियां
मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की आईडी दोबारा जनरेट कर कागजों में काम दर्शाया जा रहा है। कई स्थानों पर मौके पर घास-फूस और झाड़ियां होने के बावजूद रिकॉर्ड में कार्य संचालित दिखाए जा रहे हैं। यदि पिछले दो दिनों में दर्ज कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीण राहुल, सतबीर, मोनू, कपिल, आकाश का कहना है कि इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने रिकॉर्ड में दर्ज कार्यों और मौके की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराने तथा अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों से के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बयान....
बारिश रुकने पर कार्य कराए गए होंगे। अगर गलत हाजिरी लगाई गई है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -मनोज भारद्वाज, बीडीओ, हस्तिनापुर
विकास खंड हस्तिनापुर में गलत तरीके से हाजिरी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद बीडीओ से जवाब मांगा गया है। -सुनील कुमार सिंह, परियोजना निदेशक (पीडी)
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पड़ताल में 14 ग्राम पंचायतों में 29 जगहों पर 407 श्रमिकों की मिली हाजिरी
रविंद्र चौहान
हस्तिनापुर। दो दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबीजी-रामजी) के तहत विकासखंड हस्तिनापुर की कई ग्राम पंचायतों में कागजों पर श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने का मामला सामने आया है। रविवार को की गई पड़ताल में 14 ग्राम पंचायतों में 29 जगहों पर 407 श्रमिकों की शाम 7:00 बजे तक हाजिरी दर्ज मिली। बारिश के कारण जहां क्षेत्र में सामान्य आवागमन प्रभावित रहा, वहीं सरकारी रिकॉर्ड में कार्यों पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज होना सवाल खड़े करता है।
पंचायतवार रिकॉर्ड के अनुसार गजरौला में 32, गुढ़ा में 31, हुमायूंपुर में 27, जलालपुर जोरा में 35, किशोरपुर में 11, लतीफपुर में 18, महमूदपुर सिखेड़ा में 10, मखदूमपुर में 35, मानपुर में 39, मीवा में 18, नगली में 34, पाली में 35, रठौरा खुर्द में 39 और सैफपुर फिरोजपुर में 36 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई।
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जानकारी के अनुसार संबंधित ग्राम पंचायतों में श्रमिकों की हाजिरी दर्ज करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मोबाइल एप ग्राम सचिवों के बजाय ग्राम पंचायतों में तैनात (मेट) के मोबाइल में होने की बात सामने आई है। आरोप है कि इसी के माध्यम से अपनी सुविधा के अनुसार श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की जा रही है। इससे ग्राम सचिवों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि मनमाने तरीके से हाजिरी दर्ज होने के बावजूद योजना के तहत हर माह श्रमिकों का भुगतान किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच और भौतिक सत्यापन की मांग की है। (संवाद)
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कागजों में दिखा काम, मौके पर घास-फूस और झाड़ियां
मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की आईडी दोबारा जनरेट कर कागजों में काम दर्शाया जा रहा है। कई स्थानों पर मौके पर घास-फूस और झाड़ियां होने के बावजूद रिकॉर्ड में कार्य संचालित दिखाए जा रहे हैं। यदि पिछले दो दिनों में दर्ज कार्यों का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए तो स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
शिकायतों के बाद भी कार्रवाई पर सवाल
ग्रामीण राहुल, सतबीर, मोनू, कपिल, आकाश का कहना है कि इस मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने रिकॉर्ड में दर्ज कार्यों और मौके की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराने तथा अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों से के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बयान....
बारिश रुकने पर कार्य कराए गए होंगे। अगर गलत हाजिरी लगाई गई है तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -मनोज भारद्वाज, बीडीओ, हस्तिनापुर
विकास खंड हस्तिनापुर में गलत तरीके से हाजिरी की शिकायत मिली थी, जिसके बाद बीडीओ से जवाब मांगा गया है। -सुनील कुमार सिंह, परियोजना निदेशक (पीडी)