देवदूत बनी बिजनौर पुलिस: पति से अनबन पर महिला ने लगाई फांसी, 10 मिनट में पहुंची पुलिस, CPR देकर बचाई जान
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पति से अनबन होने के बाद फांसी लगा चुकी महिला के लिए पुलिसकर्मी देवदूत बन गए। पुलिसकर्मियों ने महिला को सीपीआर देने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया जहां महिला की जान बचाई गई।
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस एक महिला के लिए देवदूत बन गई। बिजनौर जनपद के किरतपुर में फांसी लगा चुकी महिला की 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को फंदे से उतारा और सीपीआर देकर उसकी जान बचाई।
जानकारी के अनुसार पति के साथ हो रहे झगड़े के बीच एक महिला ने गुस्से में आकर फांसी लगा ली। फंदे पर लटकी महिला को पुलिस ने बचा लिया। जिसे सीपीआर देने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया फिलहाल महिला की जान बच गई है। उसके पति के खिलाफ पुलिस ने दहेज एक्ट व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव छितावर का रहने वाला इशांत अपनी पत्नी निक्की के साथ बिजनौर शहर की प्रगति विहार कॉलोनी में किराए पर रहता है। इशांत ने पास में ही कॉस्मेटिक की दुकान कर रखी है।
27 सितंबर को इशांत और उसकी पत्नी निक्की के बीच झगड़ा हुआ। दोनों जब तेज आवाज में झगड़ रहे थे तो पड़ोसियों ने पुलिस को खबर कर दी। सिविल लाइन चौकी इंचार्ज गौरव चौधरी दो सिपाहियों को लेकर मौके पर पहुंचे।
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पुलिस अभी इशांत की कॉस्मेटिक की दुकान पर ही खड़ी थी कि किसी ने आवाज दी कि महिला ने फांसी लगा ली है। पुलिस दौड़ कर पहुंची तो निक्की फांसी के फंदे पर झूल रही थी। निक्की के शरीर में हरकत देख पुलिस ने उसे तुरंत नीचे उतार लिया। अगर कुछ सेकंड की भी देर हो जाती तो महिला की जान बचना मुश्किल थी।
पुलिसकर्मियों ने महिला को सीपीआर देने के बाद सीधे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां महिला की हालत अब खतरे से बाहर है। उधर, महिला के मायके वालों ने दहेज एक्ट व अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर लगातार उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा था।