यूपी: महिला की हत्या कर शव जंगल में फेंका, मरा समझकर छोड़ी दो साल की मासूम, 48 घंटे बाद मिली जीवित
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माना जा रहा है कि उसकी एक पाइप से पीटकर हत्या की गई है और हत्या के बाद शव को यहां फेंक दिया गया। बच्ची को भी उसके साथ ही छोड़ दिया गया। एसपी, एएसपी, सीओ ने भी मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
शुक्रवार सुबह ढ़ोढरा गांव की महिलाएं खेत में चारा लेने जा रही थीं तो गजे सिंह के खेत में उन्हें करीब दो साल बच्ची अचेत अवस्था में पड़ी मिली। कुछ दूरी पर एक महिला का खून से लथपथ शव पड़ा मिला था। इसकी सूचना ग्रामीणों को दी गई तो वहां भीड़ जमा हो गई। बाद में कोतवाली प्रभारी आरके सिंह पुलिस बल के साथ पहुंचे।
महिला की उम्र करीब 34 वर्ष बताई गई है। वह हरे रंग की कुर्ती और काले रंग की सलवार पहने हुए थी। उसके सिर पर चोट के निशान हैं और पहचान मिटाने के लिए उसके चेहरे को पूरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया। बाद में एसपी शैलेश कुमार पांडेय, एएसपी रणविजय सिंह, सीओ रामानंद कुशवाहा भी पहुंचे और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
गलब्स पहनकर की महिला की हत्या
घटनास्थल के पास ही एक पाइप पड़ा हुआ था। इस पर खून के निशान थे। संभावना जताई जा रही है कि इसी से पीटकर महिला की हत्या की गई है। घटनास्थल के पास ही दो गलब्स पड़े थे। संभावना जताई जा रही है कि इन गलब्स को पहनकर महिला की हत्या की गई है।
पति या प्रेमी पर जा रहा शक
अब तक की छानबीन में महिला की हत्या के पीछे पति या प्रेमी के हाथ होने का शक जताया जा रहा है। कोतवाली प्रभारी आरके सिंह का कहना है कि पहले तो महिला की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही घटनास्थल पर की गई जांच के आधार पर जांच जारी है। पूरी जांच के बाद ही घटना की हकीकत सामने आएगी।
पहले भी मिलते रहे महिलाओं के शव
जिले में इससे पहले भी महिलाओं की हत्या कर शवों को ठिकाने लगाया जाता रहा है। पिछले वर्ष औद्योगिक क्षेत्र में ही महिला की हत्या कर शव को जला दिया गया था। एक साल पहले ट्योढ़ी गांव के जंगल में महिला की लाश मिली थी। खेकड़ा और चांदीनगर थाने की सीमा के बीच भी शव मिला था।
48 घंटे बाद भी बच्ची जीवित रही, लोग हैरान
पुलिस की छानबीन में महिला की हत्या करीब 48 घंटे पहले की मानी जा रही है क्योंकि इतनी अवधि के बाद ही कटे हुए स्थानों पर कीड़े मंडराते हैं। हैरानी की बात यह रही कि जंगल के बीच 48 घंटे तक बच्ची वहीं जीवित पड़ी रही। इसे देखकर कोई कुदरत का करिश्मा कहता रहा तो किसी ने कहा कि बिन मां की बच्ची की जिंदगी अब कैसे कटेगी। आखिर इस मासूम का क्या कसूर था जो उसके सामने ऐसे हालात हो गए।
महिला के शव के पास मिली बच्ची के शरीर पर भी चोट के कई निशान हैं। हत्यारों ने मासूम को मरा हुआ समझकर यहां पर फेंक दिया होगा। लेकिन जाको राके साइयां मार सके न कोई वाली कहावत ढोढरा के जंगल में चरितार्थ हो गई।
अकेले जंगल में पड़ी मासूम की सांसे चलती रही और मामला पुलिस तक पहुंच गया। सवाल है कि आखिर मासूम की क्या खता थी। सोशल मीडिया पर मासूम के फोटो वायरल हुए। हर कोई उसके लिए दुआ कर रहा है। पुलिस बच्ची के फोटो के माध्यम से ही शनाख्त कराने के प्रयास में जुटी है।
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