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अब डरेंगे नहीं, सामना करेंगे
Fri, 15 Mar 2019 02:29 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Fri, 15 Mar 2019 02:29 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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अब हम डरेंगे नहीं बल्कि जो डराएगा उसका सामना करेंगे। कच्चे लोहे से मशीन और कलपुर्जे बनाने वाले हाथों ने मुसीबतों से लड़ना सीखा। अपराजिता अभियान के तहत आईटीआई साकेत में पढ़ने वाली छात्राओं को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाए गए। इलेक्ट्रीशियन, इंजीनियरिंग, मेकेनिक सहित अन्य ट्रेड का प्रशिक्षण ले रही हैं। इन छात्राओं ने अपने हाथों को जब शोहदे पर वार के लिए उठाया तो उनका आत्मविश्वास दोगुना हो गया।
अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन हुआ। बृहस्पतिवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान साकेत में शिविर का आयोजन हुआ। इसमें यूपी शोतोकाई संघ की ओर से शिहान सिराज अहमद के साथ नीलम, अर्पित, गौरव व अन्य प्रशिक्षकाें ने ट्रेनिंग दी। छात्राओं को सड़क, ऑटो, टेंपो, बस में यात्रा के दौरान होने वाली छेड़खानी से बचाव के उपाय बताए। आईटीआई के प्रिंसिपल पीपी अत्री ने विद्यार्थियों को सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग का महत्व बताया। बनी सिंह चौहान प्रभारी कौशल विकास ने आभार दिया। हेमलता जोशी, रमा चांदना, अनुदेशक आरती, पूनम, संदीप सिंघल, जयश्राम आदि मौजूद रहे।
छात्राओं ने स्वयं किया अभ्यास
शिविर में प्रशिक्षण टीम छात्राओं को सेल्फ डिफेंस स्टैप का डेमो दे रही थी। छात्राओं ने स्वयं भी स्टैप कर तकनीक को सीखा। मोबाइल, पेन, आईकार्ड, चश्मा, कड़ा, पर्स, रजिस्टर, हेयर पिन, क्लचर, सेफ्टी पिन, नाखून, चोटी, स्कूल बैग व दुपट्टे की मदद से सुरक्षा करना सीखा। छात्राओं ने प्रशिक्षण टीम से सवाल भी पूछे।
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जोड़, आंख, कान, सिर पर करें वार
प्रशिक्षण टीम ने बताया कि दुश्मन को ताकत के साथ दिमाग से हराएं। सामने वाले के शरीर के नाजुक अंगों पर मजबूती से वार करें। कोहनी, तलवा, गला, होंठ, कान, सिर, कनपटी, आंख, नाक, ठोढ़ी, घुटने और अंगुलियाें पर वार करें। जरूत पड़े तो उसके बाल भी खींचे। कमजोर अंगों पर वार करने से सामने वाले की शक्ति तुरंत क्षीण होगी उतनी देर में वार करके भाग जाएं।
खानपान का ख्याल रखें
प्रशिक्षक नीलम ने बताया कि आत्मसुरक्षा के गुर आने के साथ जरूरी है कि छात्राएं अपने अंदर आत्मविश्वास विकसित करें। मेहनत के लिए प्रतिदिन व्यायाम करें साथ ही खानपान का ख्याल रखें। जंक फूड, चाट, कोल्डड्रिंक का प्रयोग न करें। दाल, सब्जी, हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, मट्टा आदि लें। पौष्टिक डाइट को भोजन में शामिल करें जो आपको अंदर से मजबूत करें।
बातचीत-
अच्छी जानकारी मिली
दूरदराज इलाके से आने वाली छात्राओं को अक्सर बस, ऑटो में छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है, आज इस सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग से हमें बस, ऑटो में भी अपना बचाव कैसे करना है इसकी जानकारी मिली। -अनामिका
बहुत कुछ सीखा
छात्राएं ही नहीं छात्रों को भी सेल्फ डिफेंस के गुर आने चाहिए, क्योंकि सड़क चलते कोई दुर्घटना, मोबाइल छिन जाना या चेन स्नैचिंग तो किसी के भी साथ हो सकती है। कॉलेज में लगे शिविर में मैंने बहुत कुछ सीखा। -स्नेहा
आज ही पता चला
हमारे रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें हमारा हथियार बन सकती हैं यह तरीका मुझे आज ही पता चला। आत्म प्रशिक्षण शिविर में यह पता चला कि मोबाइल, पेन, पिन और दुपट्टा भी हमारी सुरक्षा कर सकता है। -विनीता
आनी चाहिए तकनीकी
छात्राओं, महिलाओं को रोजाना छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है। हर लड़की को आत्मसुरक्षा की तकनीकी आना चाहिए, ताकि अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस के आने का इंतजार न करना पड़े, हम स्वयं सुरक्षा कर सकें। -सहरीन
आत्मविश्वास भी जरूरी
आत्म सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस के गुर आने के साथ आत्मविश्वास होना भी जरूरी है। आज कॉलेज में हुए शिविर में हमें प्रैक्टिकल भी कराया गया इससे आत्मविश्वास बढ़ गया कि आम लड़कियां भी सुरक्षा कर सकती हैं। -पिंकी
हम नहीं हैं कमजोर
लड़कियों को हमेशा कमजोर समझा जाता है, लेकिन वे कमजोर नहीं होती। यही बात आज हमें इस सेल्फ डिफेंस कैंप में बताई गई है। इससे मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ा है, इस जानकारी को मैं अन्य से साझा करूंगी। -शीतल
मजबूत बनने का मौका मिला
सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के जरिए मुझे खुद को मजबूत बनाने का मौका मिला है। किसी के साथ अगर छेड़खानी होती है तो खुद को हमें कैसे सुरक्षित करना है इसकी जानकारी मिली। हमें अपनी सुरक्षा के लिए चौकन्ना रहना चाहिए। -नेहा
अभ्यास भी हुआ
पहली बार किसी सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैम्प में भाग लिया है। मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। सबसे बड़ी बात शिविर में हमने स्वयं प्रैक्टिकल करके देखा इससे आत्मविश्वास बढ़ा और अभ्यास भी हो गया। -मीनाक्षी
अच्छा रहा शिविर
दुश्मन का सामना शारीरिक ताकत के साथ दिमाग से भी करना चाहिए इसकी अच्छी जानकारी आज हमें मिली है। बल की बजाय तकनीक से लड़ाई लड़ना चाहिए। यह शिविर बहुत ही अच्छा रहा। -कनिका
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अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैंप का आयोजन हुआ। बृहस्पतिवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान साकेत में शिविर का आयोजन हुआ। इसमें यूपी शोतोकाई संघ की ओर से शिहान सिराज अहमद के साथ नीलम, अर्पित, गौरव व अन्य प्रशिक्षकाें ने ट्रेनिंग दी। छात्राओं को सड़क, ऑटो, टेंपो, बस में यात्रा के दौरान होने वाली छेड़खानी से बचाव के उपाय बताए। आईटीआई के प्रिंसिपल पीपी अत्री ने विद्यार्थियों को सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग का महत्व बताया। बनी सिंह चौहान प्रभारी कौशल विकास ने आभार दिया। हेमलता जोशी, रमा चांदना, अनुदेशक आरती, पूनम, संदीप सिंघल, जयश्राम आदि मौजूद रहे।
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छात्राओं ने स्वयं किया अभ्यास
शिविर में प्रशिक्षण टीम छात्राओं को सेल्फ डिफेंस स्टैप का डेमो दे रही थी। छात्राओं ने स्वयं भी स्टैप कर तकनीक को सीखा। मोबाइल, पेन, आईकार्ड, चश्मा, कड़ा, पर्स, रजिस्टर, हेयर पिन, क्लचर, सेफ्टी पिन, नाखून, चोटी, स्कूल बैग व दुपट्टे की मदद से सुरक्षा करना सीखा। छात्राओं ने प्रशिक्षण टीम से सवाल भी पूछे।
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जोड़, आंख, कान, सिर पर करें वार
प्रशिक्षण टीम ने बताया कि दुश्मन को ताकत के साथ दिमाग से हराएं। सामने वाले के शरीर के नाजुक अंगों पर मजबूती से वार करें। कोहनी, तलवा, गला, होंठ, कान, सिर, कनपटी, आंख, नाक, ठोढ़ी, घुटने और अंगुलियाें पर वार करें। जरूत पड़े तो उसके बाल भी खींचे। कमजोर अंगों पर वार करने से सामने वाले की शक्ति तुरंत क्षीण होगी उतनी देर में वार करके भाग जाएं।
खानपान का ख्याल रखें
प्रशिक्षक नीलम ने बताया कि आत्मसुरक्षा के गुर आने के साथ जरूरी है कि छात्राएं अपने अंदर आत्मविश्वास विकसित करें। मेहनत के लिए प्रतिदिन व्यायाम करें साथ ही खानपान का ख्याल रखें। जंक फूड, चाट, कोल्डड्रिंक का प्रयोग न करें। दाल, सब्जी, हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज, मट्टा आदि लें। पौष्टिक डाइट को भोजन में शामिल करें जो आपको अंदर से मजबूत करें।
बातचीत-
अच्छी जानकारी मिली
दूरदराज इलाके से आने वाली छात्राओं को अक्सर बस, ऑटो में छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है, आज इस सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग से हमें बस, ऑटो में भी अपना बचाव कैसे करना है इसकी जानकारी मिली। -अनामिका
बहुत कुछ सीखा
छात्राएं ही नहीं छात्रों को भी सेल्फ डिफेंस के गुर आने चाहिए, क्योंकि सड़क चलते कोई दुर्घटना, मोबाइल छिन जाना या चेन स्नैचिंग तो किसी के भी साथ हो सकती है। कॉलेज में लगे शिविर में मैंने बहुत कुछ सीखा। -स्नेहा
आज ही पता चला
हमारे रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजें हमारा हथियार बन सकती हैं यह तरीका मुझे आज ही पता चला। आत्म प्रशिक्षण शिविर में यह पता चला कि मोबाइल, पेन, पिन और दुपट्टा भी हमारी सुरक्षा कर सकता है। -विनीता
आनी चाहिए तकनीकी
छात्राओं, महिलाओं को रोजाना छेड़खानी का शिकार होना पड़ता है। हर लड़की को आत्मसुरक्षा की तकनीकी आना चाहिए, ताकि अपनी सुरक्षा के लिए पुलिस के आने का इंतजार न करना पड़े, हम स्वयं सुरक्षा कर सकें। -सहरीन
आत्मविश्वास भी जरूरी
आत्म सुरक्षा के लिए सेल्फ डिफेंस के गुर आने के साथ आत्मविश्वास होना भी जरूरी है। आज कॉलेज में हुए शिविर में हमें प्रैक्टिकल भी कराया गया इससे आत्मविश्वास बढ़ गया कि आम लड़कियां भी सुरक्षा कर सकती हैं। -पिंकी
हम नहीं हैं कमजोर
लड़कियों को हमेशा कमजोर समझा जाता है, लेकिन वे कमजोर नहीं होती। यही बात आज हमें इस सेल्फ डिफेंस कैंप में बताई गई है। इससे मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ा है, इस जानकारी को मैं अन्य से साझा करूंगी। -शीतल
मजबूत बनने का मौका मिला
सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग के जरिए मुझे खुद को मजबूत बनाने का मौका मिला है। किसी के साथ अगर छेड़खानी होती है तो खुद को हमें कैसे सुरक्षित करना है इसकी जानकारी मिली। हमें अपनी सुरक्षा के लिए चौकन्ना रहना चाहिए। -नेहा
अभ्यास भी हुआ
पहली बार किसी सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग कैम्प में भाग लिया है। मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। सबसे बड़ी बात शिविर में हमने स्वयं प्रैक्टिकल करके देखा इससे आत्मविश्वास बढ़ा और अभ्यास भी हो गया। -मीनाक्षी
अच्छा रहा शिविर
दुश्मन का सामना शारीरिक ताकत के साथ दिमाग से भी करना चाहिए इसकी अच्छी जानकारी आज हमें मिली है। बल की बजाय तकनीक से लड़ाई लड़ना चाहिए। यह शिविर बहुत ही अच्छा रहा। -कनिका